CPEC: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग सीपीईसी के 10 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। इस दौरान चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाली सीपीईसी का भारत विरोध कर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजर रही है।
पाकिस्तान और चीन ने अरबों डॉलर की महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना के तहत सहयोग बढ़ाने और उसमें तेजी लाने के लिए सोमवार को छह महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग सीपीईसी के 10 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए।
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाली सीपीईसी का भारत विरोध कर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजर रही है। योजना व विकास मंत्री अहसान इकबाल और चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उपाध्यक्ष झाओ चेनक्सिन ने सीपीईसी की संयुक्त सहयोग समिति से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए और साथ ही सीपीईसी के ढांचे के भीतर एक विशेषज्ञ विनिमय तंत्र की स्थापना पर एक अन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए।
तीसरे दस्तावेज पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय के सचिव जफर हसन और चीन के प्रभारी पांग चुनशुए ने पाकिस्तान से चीन को सूखी मिर्च निर्यात करने के लिए हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजना के सदस्य असीम अमीन और पांग ने काराकोरम राजमार्ग चरण II परियोजना व्यवहार्यता अध्ययन के पुनर्गठन से जुड़े चौथे दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
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दोनों पक्षों ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से औद्योगिक श्रमिकों के आदान-प्रदान कार्यक्रम पर समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए और रणनीतिक एमएल 1 रेल उन्नयन परियोजना को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री शरीफ ने इस मौके पर अपनी टिप्पणी में कहा कि जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए हैं उनका उद्देश्य पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा सीपीईसी के तहत अब तक पाकिस्तान के बिजली और पनबिजली क्षेत्र, सड़क के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन में 25 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है।
उन्होंने कहा, "अब हम सीपीईसी के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश की परिकल्पना की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रगति और समृद्धि के साझा भविष्य के दृष्टिकोण में योगदान देने को तैयार है और उन्होंने विश्वास जताया कि पाकिस्तान अपने पैरों पर खड़ा होगा।"