अनुभवी निवेशक और अकासा एयर के संस्थापक राकेश झुनझुनवाला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से पद्मश्री पुरस्कार (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला ने पुरस्कार प्राप्त किया। राकेश झुनझुनवाला का 14 अगस्त 2022 को निधन हो गया था। उन्हें शेयर बाजार के बिग बुल के नाम से जाना जाता था।
झुनझुनवाला को कैसे लगा था शेयर बाजार का चस्का?
पांच जुलाई 1960 को जन्म लेने वाले राकेश झुनझुनवाला के परिवार ने भी कभी नहीं सोचा था कि उनका यह बेटा अरबपति हो जाएगा। दरअसल, राकेश के पिता राधेश्याम झुनझुनवाला आयकर विभाग में अधिकारी थे। वह अक्सर शेयर बाजार में पैसा लगाते थे। उन्हें देखकर ही राकेश को भी शेयर बाजार में निवेश करने का चस्का लग गया। उन्होंने राकेश झुनझुनवाला से साफ-साफ कह दिया कि अगर शेयर बाजार में पैसा लगाना ही है तो पहले खुद कमाओ। यहां तक कि किसी दोस्त से उधार लेने से भी मना कर दिया।
झुनझुनवाला को निवेश के लिए कैसे मिले थे पैसे?
अब सवाल उठता है कि जब पिता ने पैसे देने और किसी से उधार लेने से मना कर दिया तो राकेश झुनझुनवाला को शेयर बाजार में निवेश के लिए रकम कहां से मिली? ऐसे में राकेश झुनझुनवाला अपने भाई के एक क्लाइंट के पास पहुंचे और बड़ा मुनाफा दिलाने का दावा करते हुए पांच हजार रुपये का कर्ज मांगा। यही पांच हजार रुपये उन्होंने 1985 में शेयर बाजार में लगाए थे और सफलता के शिखर पर चढ़ाई शुरू कर दी।