पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले पांच सालों में, देश में निष्ठा के साथ काम करने का, पूरी ईमानदारी के साथ काम करने का, पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने का एक माहौल बना है। इस माहौल ने देश को बड़े लक्ष्य तय करने, और तय समय पर प्राप्त करने का हौसला दिया है। ये जरूरी नहीं कि जो कंपनी सफल न हो रही हो, उसके पीछे कोई साजिश ही हो, कोई लालच ही हो। देश में ऐसे उद्यमियों के लिए एक रास्ता तैयार करना आवश्यक था और आईबीसी ने इसी का आधार तय किया है।
आज जब हम एक नए वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, नए दशक में प्रवेश कर रहे हैं, तो मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं कि ये दशक भारतीय उद्यमियों का होगा। कुछ कर गुजरने की ये भावना, जोखिम उठाने की ये भावना, नए-नए क्षेत्रों में अपना विस्तार करने की ये भावना, आज भी हर भारतीय उद्यमी की पहचान है। भारत का उद्यमी अधीर है देश के विकास के लिए, अपनी क्षमताओं और सफलताओं के विस्तार के लिए।
प्रधानमंत्री से मिलने वाले उद्योगपतियों में टाटा समूह के रतन टाटा, भारती एयरटेल के सुनील भारती मित्तल, अरबपति गौतम अडानी, महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, खनन दिग्गज अनिल अग्रवाल सहित कई मौजूद रहे। इसके अलावा टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, टीवीएस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, एलएंडटी के एएम नाइक शामिल थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 1 फरवरी को आम बजट पेश करना है, जिसमें उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास दर को रफ्तार देना होगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का विभिन्न स्वरूपों में इस्तेमाल करने से भारत 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि विभिन्न विभाग एआई, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्य आधुनिक माध्यमों के इस्तेमाल से आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने के तरीकों पर काम कर रहे हैं।
गोयल ने कहा कि हमने भारत को अगले पांच साल में 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। एआई के जरिए हम अधिक लागत दक्ष और नतीजा आधारित तरीके से विस्तार कर सकते हैं। रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे गोयल ने कहा कि एआई का बेहतर लाभ लेने के तरीकों पर रेलवे में एक टीम काम कर रही है। यह सभी क्षेत्रों में काफी मददगार होगा। इससे कारोबार सुगमता की स्थिति को भी बेहतर करने में मदद मिलेगी।