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OPEC: कम हो सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें! ओपेक+ देशों ने हर दिन 547000 बैरल तेल उत्पादन पर जताई सहमति

Mon, 04 Aug 2025 02:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ओपेक देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। अब वह हर दिन 547000 बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएंगे। तेल उत्पादन बढ़ाने के इस कदम से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आ सकती है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक+ गठबंधन के सदस्य देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। अब ओपेक देश हर दिन 547000 बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएंगे। ओपेक देशों के इस कदम से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आ सकती है। 

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ओपेक देशों के समूह ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को एक वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि समूह के आठ सदस्य देश सितंबर में प्रतिदिन 547,000 बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएंगे। तेल उत्पादन बढ़ाने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।

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तय समय से पहले समाप्त करेंगे स्वैच्छिक उत्पादन कटौती 
अभी तक ये देश अपनी मर्जी से कम तेल उत्पादन कर रहे थे। उन्होंने यह कम उत्पादन नवंबर 2023 में शुरू किया था, जिसे सितंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना थी। लेकिन अब यह फैसला किया गया है कि वे स्वैच्छिक उत्पादन कटौती को तय समय से पहले ही समाप्त कर देंगे। 

इससे पहले जुलाई में भी ओपेक+ ने फैसला किया था कि अगस्त में वे हर दिन 548,000 बैरल तेल ज्यादा बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाजार की स्थिति ठीक नहीं रही, तो वे फिर से उत्पादन कम कर सकते हैं। 
अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल 
जब उत्पादन बढ़ता है, तो आमतौर पर तेल और गैसोलीन की कीमतें गिर सकती हैं। लेकिन शोध फर्म क्लियरव्यू एनर्जी पार्टनर्स के अनुसार, अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल, जिसे वैश्विक बेंचमार्क माना जाता है, की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। इसकी वजह यह हो सकती है कि रूस से कम तेल आ सकता है और चीन में बहुत सारा तेल जमा हो गया है। 
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राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों को दी है धमकी 
क्लियरव्यू एनर्जी पार्टनर्स ने रविवार को एक विश्लेषक नोट में कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर रूस सात अगस्त तक यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं करता, तो वह रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर द्वितीयक शुल्क लगा देंगे। इससे भी तेल की स्थिति पर असर पड़ सकता है।' ओपेक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि ये आठ देश सात सितंबर को फिर से बैठक करेंगे। 

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