केंद्र सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि जरूरत से ज्यादा कानून से उद्योगों के लिए खासकर श्रमिकों को लेकर कारोबार करना अब भी कठिन है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव अनुराग जैन ने थिंक टैंक की जेल फॉर डुइंग बिजनेस शीर्षक से हाल में आई रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उद्योगों को फलने-फूलने के लिए राज्य सरकारों को संसद द्वारा पारित सरल श्रम कानूनों को अपनाना होगा।
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एक थिंक-टैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 26,000 कानून हैं, जहां एक का भी उल्लंघन करने पर उद्यमी को जेल जाना पड़ता है। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि इनमें से 70 फीसदी श्रम कानूनों से जुडे़ हैं।
जैन ने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन करने पर हमने पाया कि संसद ने चार श्रम कानून बनाए हैं। निवेश से जुड़े उद्योग के समूह के कार्यक्रम में केंद्रीय अधिकारी ने कहा कि इन चारों कानून ने उन कानूनों को आसान बनाया है। अब अगला कदम राज्यों को उन कानूनों को अपना कर और उस पर जल्द से जल्द औपचारिक अधिसूचना जारी करना है। उन्होंने कहा कि हमें राज्यों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।