सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमहाी में जोरदार उछाल के साथ 1630.01 करोड़ रुपये रहा जो कि किसी भी तिमाही में हुए लाभ से ज्यादा है। वतेल की उच्च् कीमतों के चलते कंपनी ने तगड़ा मुनाफा कमाया है।
ऑयल इंडिया के निदेशक वित्त हरीश माधव ने कहा कि इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 847.56 करोड़ रुपये था, यानी 31 मार्च को समाप्त र्हु तिमाही में कंपनी को दोगुना लाभ हुआ है। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 की बात करें तो कंपनी का लाभ बढ़कर 3,887.31 करोड़ रुपये हो गया है। यह भी अब किसी भी वित्त वर्ष में ऑयल इंडिया द्वारा हासिल किया गया सबसे उच्च शुद्ध लाभ है। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी के मुनाफे में 1741.59 रुपये का इजाफा हुआ है।
उत्साहित करने वाले नतीजों को देखते हुए ऑयल इंडिया बोर्ड ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पांच रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड (लाभांश) की सिफारिश की है। बता दें कि इससे पहले इसी वित्तीय वर्ष के लिए बोर्ड ने 9.25 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश का भुगतान किया था। इस आधार पर देखें तो कुल लाभांश बढ़कर 14.25 रुपये प्रति शेयर हो गया है। शुक्रवार को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन ऑयल इंडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी और 4.28 फीसदी टूटकर 218 रुपये पर बंद हुआ था।