एक फरवरी से पहले खरीदी गई जमीन पर मिलेगा फायदा
हालांकि इस योजना का फायदा केवल उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 1 फरवरी से पहले जमीन खरीदी हुई है। 1 फरवरी के बाद जिन लोगों ने भी खेती करने के लिए जमीन को खरीदा है, उनको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आधार नहीं होगा अनिवार्य
बजट में घोषित योजना का लाभ किसानों को मुहैया कराने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों से विभिन्न आधारों पर उनका डेटा तैयार करने को कहा है। राज्यों द्वारा जिलावार लाभार्थियों की सूची पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
इसके आधार पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहली किस्त का भुगतान होगा। साथ ही नजर रखने के लिए परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) का गठन भी कर दिया गया है। योजना का वित्त पोषण केंद्र सरकार करेगी और इससे 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पहली किस्त 1 दिसंबर, 2018 से 31 मार्च, 2019 के लिए जारी होगी।
आगे से अनिवार्य होगा आधार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर से मार्च की अवधि के लिए मुहैया कराई जाने वाली पहली किस्त में लाभार्थियों को आधार पंजीकरण से छूट रहेगी लेकिन इसके बाद दोहरेपन को रोकने के लिए आधार अनिवार्य किया गया है। केंद्र ने निर्देश में कहा कि राज्य सरकारें यह शुनिश्चित कराएं कि लाभार्थी परिवारों में कोई दोहरापन न हो और कोई भी सूचना गलत या अधूरी नहीं मुहैया कराई जाएगी।