फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16 नहीं अब 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर चलेगा आपके घर का एसी, बीईई ने बदला मानक

Mon, 06 Jan 2020 06:55 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

केंद्र सरकार ने एसी का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने का फैसला लिया है। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिंयसी (बीईई) ने बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इसका मतलब साफ है कि अब से देश में एसी बनाने वाली सभी कंपनियां केवल उन एसी का निर्माण कर पाएंगी, जिनका न्यूनतम तापमान 16 के बजाए 24 डिग्री पर तय होगा। अब लोगों को सभी प्रकार के एक से लेकर के पांच स्टार रेटिंग वाले इंवर्टर और सामान्य एसी 24 डिग्री पर शुरू होगा। वहीं स्पलिट एसी का नया स्टैण्डर्ड 3.30 से पांच और विंडो एसी के 2.70 से 3.50 के बीच होगा।  इससे सरकार प्रतिवर्ष 20 अरब यूनिट बिजली बचा सकेगी। स्टैण्डर्ड लागू करने की नई समय सीमा 1 जनवरी 2021 तय की गई है। बाकी तापमान डिफॉल्ट तौर पर 24 डिग्री होगा, जो लागू हो गया है। 

इसलिए उठाया सरकार ने कदम

इस नियम को लाने के पीछे सरकार की जो सोच है उससे न केवल देश को आर्थिक तौर पर फायदा होगा, बल्कि पर्यावरण में भी ग्रीन हाउस गैस का कम उत्सर्जन होगा। विश्व में भारत जापान के बाद दूसरा ऐसा देश बनने जा रहा है, जिसने इस तरह का नियम लागू किया है।

विज्ञापन


बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाला ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने इस संदर्भ में एक अध्ययन कराया है और एयर कंडीशनर में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की सिफारिश 2018 में की थी। इसके बाद सरकार ने सोमवार को एसी बनाने वाली कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 

यह भी आएंगे दायरे में

हवाईअड्डा, होटल, शापिंग मॉल समेत सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को इसके दायरे में लाया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे जनता के स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ेगा। शरीर का सामान्य तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस है लेकिन घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटल तथा दफ्तरों में तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है। यह न केवल तकलीफदेह है बल्कि वास्तव में अस्वस्थ्यकर भी है।

भारत में 50 डिग्री तक जाता है तापमान

भारत में गर्मी का मौसम अप्रैल से शुरू होकर के अक्टूबर तक रहता है। इस दौरान अप्रैल के आखिरी दिनों से लेकर के 30 जून तक भीषण गर्मी पड़ती है, जिसमें तापमान कई इलाकों में 50 डिग्री के आस-पास चला जाता है। हालांकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जुलाई-सितंबर के बीच मानसून सीजन में उमस भी काफी पड़ती है, जिससे कूलर भी काम नहीं करते हैं। उस वक्त केवल एसी ही उमस से निजात देता है। इसलिए लोग 16 से 18 डिग्री सेल्सियस पर एसी का तापमान रखते हैं।

जापान में तीन महीने के लिए रहता है एसी का ये तापमान

जापान में लगातार 13 साल से सरकार कूल ब्रीज कैंपेन चला रही है। इस दौरान सभी सरकारी और प्राइवेट बिल्डिंग में लगे एसी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर दिया जाता है। यह तापमान केवल तीन महीने (जून-सितंबर) के लिए लागू किया जाता है। इस दौरान कर्मचारियों को भी कोट-पैंट-टाई पहनकर ऑफिस आने में छूट दी जाती है और वो ढीले-ढाले कपड़े पहनकर भी ऑफिस आ सकते हैं। हालांकि वहां पर अधिकतम तापमान भी 35 डिग्री सेल्सियस तक जाता है। 

बचेगी 20 अरब यूनिट बिजली

सरकार ने कंपनियों से अपने ग्राहकों को यह बताने के लिए कहा गया है कि उनके पैसे की बचत और बेहतर स्वास्थ्य के नजरिये से कितना तापमान नियत करना बेहतर है। यह तापतान 24 से 26 डिग्री के दायरे में होगा।

2030 तक हो जाएगा यह लोड

बीईई का कहना है कि मौजूदा बाजार स्थिति को देखते हुए एसी के कारण देश में कुल लोड 2030 तक 200,000 मेगावाट हो जाएगी। इसमें आगे और वृद्धि की उम्मीद है क्योंकि अभी देश में केवल 6 प्रतिशत घरों में एसी का उपयोग हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार अभी लगे एसी की क्षमता 8 करोड़ टीआर (टन आफ रेफ्रिजरेटर) है जो बढ़कर 2030 तक 25 करोड़ टीआर हो जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें