भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन या फिर ट्रेन के अंदर सामान खरीदने पर बिल न मिलने पर यात्रियों को किसी तरह का पैसा नहीं देना होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात की घोषणा गुरुवार को की।
रेलवे ने नो बिल, नो पेमेंट की नीति को लागू कर दिया है। इस नीति के तहत विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है। ट्रेन अथवा रेलवे प्लेटफार्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आप को उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
इस नीति के लागू होने से यात्रियों को बहुत बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। अभी यात्रियों को सफर के दौरान सामान खरीदने पर विक्रेता या फिर वेंडर द्वारा बिल नहीं दिया जाता है। वेंडर अथवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर मौजूद विक्रेता केवल यात्रियों से केवल सामान की कीमत ले लेता है, लेकिन कभी भी बिल नहीं देता है। ऐसे में कई बार यात्रियों को लगता है कि तय दर से ज्यादा सामान की कीमत वसूली गई है। हालांकि अब नई नीति के लागू होने से पारदर्शिता आने की उम्मीद है।