नरेंद्र मोदी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती बेरोजगारी है। पिछले कार्यकाल में सरकार के लिए यह सबसे बड़ी समस्या रही है। हालांकि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक सुझाव दिया है, जिसके बाद देश में करीब 1.4 करोड़ नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि अगर देश सर्कुलर अर्थव्यवस्था को अपनाता है, तो अगले पांच-सात सालों के बीच 1.4 करोड़ नौकरियां पैदा हो सकती हैं। सर्कुलर अर्थव्यवस्था में उपयोग की जा चुकी वस्तुओं को रिसाइकल कर बार-बार प्रयोग करने को प्रोत्साहित किया जाता है।
अमिताभ कांत के मुताबिक, वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी नौ अरब 70 करोड़ के लगभग हो सकती है। इसमें लगभग तीन अरब मध्य वर्ग के लोग होंगे जो किसी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अनुमान के मुताबिक 2050 में आज उपभोग की जा रही कुल वस्तुओं का लगभग सवा दो गुना से ज्यादा वस्तुओं का उपभोग किया जाएगा। ऐसे में उपभोग बढ़ने से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ेगा, लेकिन उपयोग की गई वस्तुओं का पुनर्चक्रण करने की तरफ ध्यान दिया जाए तो भारी मात्रा में लोगों को नौकरी उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर वाहनों को एक निश्चित समय पर रिटायर करने की प्रणाली पर काम किया जाए तो 2021 के अंत तक लगभग दो करोड़ बीस लाख वाहनों को रिटायर करना होगा। इसमें 80 फीसदी दोपहिया वाहन, 14 फीसदी कार और तीन फीसदी तिपहिया एवं व्यावसायिक वाहन होंगे।
वाहनों की लाइफ समाप्त करने की नीति से विकास के लिए बड़े पैमाने पर कारोबार बढ़ने, संपदा निर्माण और रोजगार सृजन की संभावना है। यह अपने आप में एक बड़ा वेस्ट होगा जिसके पुनर्चक्रण किए जाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि यह समस्या तो है, लेकिन इसे एक अवसर में तब्दील किये जाने की जरुरत है।