केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक बजट-पूर्व परिचर्चा में कहा कि उनके द्वारा बीती एक फरवरी को पेश किया गया वित्त वर्ष 2022-23 का बजट अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जो कि निरंतरता कायम रखने और एक कर-अनुकूल व्यवस्था प्रदान करने में मददगार साबित होगा।
आजादी के 100 साल पर लाभ
इसके साथ ही परिचर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में इस तरह की व्यवस्था की गई है, जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा तो इसका बड़ा लाभ मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार का बजट अगले 25 साल का रोडमैप पेश करने के साथ ही बुनियादी ढांचे में हम जो हासिल करना चाहते हैं उसकी रूपरेखा प्रदान करता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बजट में खासतौर से प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने पर ज्यादा जोर दिया गया है।
बच्चों की शिक्षा को लेकर ये कहा
सीतारमण ने कहा कि बजट यह सुनिश्चित करने के बारे में भी है कि केंद्र जो कुछ भी कर रहा है उसमें राज्यों की भागीदारी हो, ताकि उनके साथ धन साझा किया जा सके और वे बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी सक्रिय रूप से शामिल हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने परिचर्चा के दौरान इस का जिक्र भी किया कि देश अब कोरोना महामारी के प्रभाव से बाहर आ रहा है। ऐसे में देश को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए समर्थन देने वाली प्रणाली की बेहद जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब बच्चों पर भी ध्यान देने की जरूरत है जिनकी शिक्षा के दो साल खराब हो गए हैं।