केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2022 पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस देश में 44 यूनिकॉर्न की पहचान की गई है। उन्होंने काफी दौलत बनाई है। देश के विकास में अहम योगदान दिया है। वे भारत की प्रतिभा और नवाचार को आगे ले जा रहे हैं। खास बात यह है कि यह सब 2020 और 2021 के बीच हुआ है। ऐसे वक्त जब सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी। दरअसल, जब किसी भी प्राइवेट कंपनी का वैल्यूएशन एक बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाता है, तो उस कंपनी को फाइनेंशियल दुनिया में यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहा जाता है।
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान हुई दिलचस्प बहस
इससे पहले राज्यसभा में आम बजट 2022-23 पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के बीच स्थानीय या क्षेत्रीय भाषाओं में एक-दूसरे को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस की ओ से पूछा गया कि बजट में का बा? इसके जवाब में सरकार की ओर से दावा किया गया कि बजट में सब बा।
दरअसल, चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सांसद छाया वर्मा ने आम बजट 2022-23 में गरीबों के हित के लिए कोई घोषणा नहीं होने का दावा करते हुए सरकार से सवाल किया कि बजट में का बा? गरीबन खातिर का बा? इस पर झारखंड से भाजपा के सांसद महेश पोद्दार ने जवाब उन्हीं के अंदाज में दिया।
उन्होंने कहा कि हम बोलेंगे भैया बजटवा में बहुत कुछ बा। अब सुनी! 75 से 100 साल के रास्ता बा। रोजगार के जुगाड़ बा। गरीबन के खातिर घर बा। नल से जल बा। नयका ट्रेन बा, बड़का-बड़का सड़क बा, गांव में सड़क बा, गंगा के केमिकल से मुक्ति बा, भारत में बनत देसी जहाज बा। कोरोना से उपाय बा, भारत के महाशक्ति बनावे के उपाय बा। क्रिप्टो पर टैक्स बा! पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान बा? 5G आवत बा! पोस्ट ऑफिस में एटीएम बा! पूर्वांचल के विकास बा!