वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिये जीएसटी दरों में वृद्धि को लेकर चर्चा मेरे दफ्तर को छोड़कर हर जगह है। माल एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी) की बैठक से पहले उन्होंने यह बात कही।
वह राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत जीएसटी दरों में वृद्धि की चर्चा के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब दे रही थीं। कहा जा रहा है कि राजस्व में कमी के कारण नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के क्रियान्वयन से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किए जाने वाला भुगतान प्रभावित हो रहा है।
सीतारमण ने कहा कि मेरे दफ्तर को छोड़कर यह चर्चा हर जगह है। हालांकि उन्होंने जीएसटी दरों में वृद्धि से इनकार नहीं किया और कहा कि उनके मंत्रालय को इस पर अभी गौर करना है। प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और मुख्य आर्थिक सलाहकार केआर सुब्रमण्यन मौजूद रहे।
प्याज के दामों पर वित्त मंत्री ने कहा कि अब कई जगहों पर इसके दाम कम होना शुरू हो गए हैं। पूरी तरह नहीं, लेकिन धीरे धीरे कम हो रहे हैं। इस मामले में गठित मंत्री समूह हर एक-दो दिन में समीक्षा बैठक कर रहा है।
प्रमुख बातें
- नवंबर तक 33,000 करोड़ रुपये के आयकर रिफंड जारी किए गए। 2018-19 में 36,000 करोड़ रुपये का रिफंड हुआ था - राजस्व सचिव
- यदि आप प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर दोनों को जोडें तो इस साल जारी किए गए कुल रिफंड की राशि करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये है - केंद्रीय राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय
- इस साल अबतक 1.57 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड किए गए। पिछले साल यह 1.23 लाख करोड़ रुपये था - राजस्व सचिव
- अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बजट में निर्धारित 3.38 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय में से 66 फीसदी का उपयोग किया जा चुका है - कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन
- 27 नवंबर तक रेपो दर से जुड़े ब्याज पर कुल 70 हजार करोड़ रुपये के आठ लाख से अधिक कर्ज आवंटित किए जा चुके हैं - सुब्रमण्यन
- सरकार ने अर्थव्यवस्था में सुधार करने और निवेश बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसका असर दिखाई दे रहा है। देश में निवेश बढ़ रहा है - वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने के साथ रियल्टी क्षेत्र में अखिरी चरण का वित्त पोषण उपलब्ध कराया गया - सुब्रमण्यन
- आंशिक ऋण गारंटी योजना के तहत 7,657 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई और खुदरा कर्ज को बढ़ावा देने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) और आवास वित्त कंपनियों के लिए 4.47 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए - सुब्रमण्यन
- रेल और सड़क मंत्रालयों ने 31 दिसंबर तक 2.46 लाख करोड़ रुपये का पूंजी व्यय किया - सुब्रमण्यन
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 60,314 करोड़ रुपये की पूंजी डाली गई। साथ ही बैंकों ने 2.2 लाख करोड़ रुपये में कंपनियों और 72,985 करोड़ रुपये एमएसएमई को वितरित किए - सुब्रमण्यन
नवंबर तक 1.57 लाख करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया
आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष में नवंबर तक 1.57 लाख करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की पूरी अवधि में विभाग ने 1.23 लाख करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया था। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को छह साल के निचले स्तर से उबारने में मदद मिलेगी। पांडे ने बताया कि कर रिफंड के मामले 17 प्रतिशत बढ़कर 2.16 करोड़ पर पहुंच गए हैं। धन के हिसाब से कर रिफंड 27.2 प्रतिशत अधिक रहा है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक एकीकृत जीएसटी रिफंड के रूप में 38,988 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 56,057 करोड़ रुपये था।