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आर्थिक मंदी से निपटने के लिए वित्त मंत्री ने किए बड़े एलान, छोटे करदाताओं को दी राहत

Sat, 14 Sep 2019 05:49 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirmala sitharaman - फोटो : PTI
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी चौथी पत्रकार वार्ता में छोटे करदाताओं, घर खरीदारों और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े एलान किए हैं।  इस वार्ता में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने कहा है कि मुद्रास्फिति में काफी कमी आई है, जो कि बहुत बड़ी उपलब्धि है। जहां छोटे घर खरीदारों को 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने पर छूट मिलेगी। वहीं छोटे करदाताओं को आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद किसी छोटी ऋुटि के लिए किसी तरह का कोई अभियोग नहीं चलेगा। इसके अलावा फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सरकार अपनी तरफ से 10 हजार करोड़ रुपये की मदद करेगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और औद्योगिक उत्पादन में सुधार के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति चार फीसदी के लक्ष्य से अच्छी खासी नीचे है। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति चार फीसदी से नीचे रखने का लक्ष्य दिया है। हालांकि खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में कुछ तेज होकर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है लेकिन यह अब निर्धारित दायरे में है।

सीतारमण ने कहा कि 2018-19 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन से संबंधित सारी चिंताओं के बाद भी जुलाई 2019 तक हमें सुधार के स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि आंशिक ऋण गारंटी योजना समेत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में ऋण का प्रवाह सुधारने के कदमों की घोषणा के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कई एनबीएफसी को फायदा हुआ है।’’
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उन्होंने कहा कि गोवा में जीएसटी परिषद की बैठक से एक दिन पहले वह अर्थव्यवस्था में ऋण प्रवाह की समीक्षा करने के लिये 19 सितंबर को सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगी।

प्रमुख बातें

  • महंगाई की दर चार फीसदी से नीचे है। 
  • विदेशी निवेश में हुई बढ़ोतरी। 
  • विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा। 
  • बैंकों ने ब्याज दरों में की है कमी।  
  • 19 सितंबर को बैंकों के प्रमुखों से होगी मुलाकात
  • घर खरीदार और टैक्स रिफॉर्म्स पर फोकस
  • आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू होगा, इसके लिए नोटिफिकेशन जारी। 
  • डीआईएन का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। 
  • औद्योगिक उत्पादन में हो रही है बढ़ोतरी। 
  • छोटे करदाताओं पर नहीं होगी आयकर में किसी ऋुटि पर कार्रवाई। 
  • 25 लाख रुपये से नीचे के टैक्स विवाद पर कॉलोजेयिम की लेनी होगी मंजूरी।  
  • चालू खाता घाटा नियंत्रण में। 
  • कंपाउंडिंग के लिए 31 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन। 
  • निर्यात बढ़ाने के लिए नीति में किया बदलाव।
  •  एक्सपोर्ट ड्यूटी में कमी का ऐलान और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर।
  • टैक्सटाइल इंडस्ट्री में MEIS 31 दिसंबर से होगा खत्म, नई पॉलिसी एक जनवरी 2020 से होगी लागू।  
  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में हुई है बढ़ोतरी
  • इनपुट टैक्स क्रेडिट में मिलेगा पूरी तरह से इलेक्ट्रोनिक तरीके से रिफंड
  • निर्यात पर मिलेगा क्रेडिट पर बीमा
  • निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए कई कदम
  • देश में लगेंगे मेगा शॉपिंग फेस्टिवल
  • हैंडिक्राफ्ट का निर्यात बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए बेचने की मंजूरी
  • मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का पूरे देश के चार जगहों पर आयोजन किया जाएगा। 
  • यह आयोजन मार्च 2020 से शुरू होगा।
  • जेम्स ऐंड जूलरी, योगा एवं टूरिजम, टेक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र में ये आयोजन किया जायेगा।  
  • अफोर्डेबल हाउंसिंग को बढ़ावा देने के लिए मिलेगी 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट। 
  • 45 लाख तक के घर खरीदने पर छूट, मार्च 2020 तक रहेगी लागू। 
  • रियल एस्टेट कंपनियों को कुछ शर्तों के साथ मिलेगा 10 हजार करोड़ रुपये तक की मदद
  • यह मदद ऐसी कंपनियों को मिलेगी, जिनक मामला किसी कोर्ट में या फिर एनपीए में नहीं गया है। 
  • फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने में मिलेगी मदद
  • सरकार के अलावा LIC जैसे निवेशक भी इसमें पैसा लगाएंगे।
  • हालांकि यह पैसा उन्हीं प्रॉजेक्ट को मिलेगा जिनका काम 60 फीसदी तक पूरा हो चुका हो और वह NPA में न आते हो।
  • सरकारी कर्मचारियों को घर खरीदने के लिए दिया जाएगा बढ़ावा
  •  MEIS की जगह अब RoDTEP लागू होगा।
  • टेक्सटाइल में MEIS इस साल के आखिर तक लागू रहेगा। नए RoDTEP से 50 हजार करोड़ का फायदा होगा। 
  • पुराना आरओएसएल दिसंबर 2019 तक जारी रहेगा।





पिछले एक महीने में वित्त मंत्री अभी तक तीन बार प्रेस कांफ्रेस कर चुकी हैं। तीनों ही प्रेस कांफ्रेस में वित्त मंत्री ने कई बड़े एलान किए थे। इनमें बैंकों का विलय, एफपीआई को टैक्स से छूट और ओला-उबर को ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए जिम्मेदार बताने जैसे बयान दिए गए थे।  इस बार की प्रेस कांफ्रेस में माना जा रहा है कि रियल एस्टेट और निर्यात में छाई सुस्ती को दूर करने  के लिए सरकार बड़े कदम उठा कर के इन दोनों इंडस्ट्री के कारोबारियों और आम जनता को बड़ी राहत दे सकती हैं। 

23 अगस्त को थी पहली कांफ्रेस 

वित्त मंत्री ने 23 अगस्त को पहली बार प्रेस कांफ्रेस की थी। पांच जुलाई को बजट पेश करने के बाद शेयर बाजार लगातार गिरावट पर बंद हो रहा था। वित्त मंत्री ने बजट में विदेशी संस्थागत निवेशकों पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाने का एलान किया था। इस टैक्स को खत्म करने का एलान किया गया था। 

टैक्स के मोर्चे पर बदलाव
निर्मला सीतारमण ने कहा, सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया है।

बैंकों को राहत
बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के लोन बांट पाएंगे। उन्होंने कहा बैंक अपने एमसीएलआर में कटौती करेंगे ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सके। बैंकों ने फैसला किया है कि वे रेपो-रेट से लिंक्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक लोन बंद होने के 15 दिनों के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को वापस करेंगे। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में हैं। दुनिया के मुकाबले भारत में किसी भी तरह का बुरा हाल नहीं है। पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। कई संस्थाओं का कहना है कि ग्लोबल डिमांड कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, अमेरिका और जर्मनी में यील्ड कर्व्स उल्टा हो गया है। इससे यह साफ पता चल रहा है कि इन देशों में उपभोग घट गया है।

दूसरी में 10 बैंकों का महाविलय

दूसरी प्रेस कांफ्रेस 30 अगस्त को आयोजिक की गई थी। इस पीसी में वित्त मंत्री ने बड़ा एलान करते हुए देश के 18 बैंकों में से छह सरकारी बैंकों को विलय कर दिया।

इन बैंकों का हुआ विलय
पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। ये दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा, जो पीएनबी से 1.5 गुना बड़ा होगा। वहीं केनरा बैंक का विलय सिंडिकेट बैंक में होगा, जो देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा। जबकि इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में किया गया है। इसके अलावा यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय होगा, जो देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा।

तीसरी प्रेस कांफ्रेस में निजी टैक्सी को बताया मंदी का जिम्मेदार

वित्त मंत्री ने तीसरी प्रेस कांफ्रेस 10 सितंबर को चेन्नई में आयोजित की थी। यह पीसी मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। हालांकि इस प्रेस कांफ्रेस में वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए शहरी क्षेत्रों में ओला-उबर को जिम्मेदार बताया था। शहरी क्षेत्रों में लोग अपनी गाड़ी से चलने के बजाए ओला-उबर को पसंद करने लगे हैं। वित्त मंत्री ने कहा था कि ऑटो सेक्टर बीएस6 की और लोगों की सोच की वजह से ज्यादा प्रभावित है। अब लोग ओला उबर गाड़ी खरीदने की तुलना में ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

हालांकि इस बयान का सोशल मीडिया पर काफी मजाक बना था और इसको लेकर के लोगों ने उनको ट्रोल भी किया था।  

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