नांगिया एडवाइजर्स (एंडरसन ग्लोबल) के प्रबंधकीय भागीदार राकेश नांगिया का कहना है कि ई-एसेसमेंट सैद्धांतिक रूप से एक उत्कृष्ट विचार है। हालांकि, इससे करदाताओं के साथ अनियोजित अन्याय नहीं होने देने को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रणालियों और प्रक्रियाओं को विकसित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था ने पहले ही एआई, मशीन लर्निंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं को अपना लिया है। हालांकि, डिजिटल क्षमताओं में विस्तार के साथ इसकी चुनौतियां भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।