एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार सड़क परियोजनाओं में वित्त वर्ष 2026 में 11 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। उम्मीद जताई गई कि वित्त वर्ष 2026 में आवंटित सड़कों की कुल लंबाई 8,500 से 9,000 किमी के बची होगी। यह वित्त वर्ष 2025 के स्तर के समान है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से चलाई जा रही सड़क परियोजनाओं में इजाफा होने की संभावना है। एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में सड़क परियोजनाओं में 9 से 11 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
इसमें कहा गया कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में परियोजनाओं की रफ्तार धीमी रही, लेकिन नवंबर 2024 के बाद से मामूली सुधार देखा गया है। अगर यह रुझान जारी रहा, तो आने वाले महीनों में वृद्धि 9 से 11% तक पहुंच सकती है।
आवंटित सड़कों की लंबाई 8,500 से 9,000 किमी के बीच होने की उम्मीद
हालांकि, जुलाई 2025 तक एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) दोनों को नई हाईव परियोजनाओं के आवंटन में देरी का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई कि वित्त वर्ष 2026 में आवंटित सड़कों की कुल लंबाई 8,500 से 9,000 किमी के बची होगी। यह वित्त वर्ष 2025 के स्तर के समान है। निर्माण की बात करें तो , एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2025 में कुल 5,614 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। यह निर्धारत लक्ष्य 5,150 किलोमीटर से अधिक है।
निर्माण बजट और मुद्रीकरण लक्ष्य रखा गया पहले से कम
इसके बावजूद, सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 10,000 किलोमीटर के निर्माण लक्ष्य की घोषणा की, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है। एमओआरटीएच ने हाल ही में संसदीय समिति को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए निर्माण बजट 10,421 करोड़ रुपये से कम है। साथ ही मुद्रीकरण लक्ष्य भी पहले अनुमानित 39,000 करोड़ रुपये से नीचे रखा गया है। एनएचएआई ने नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन (एनएमपी 2.0) के दूसरे चरण के तहत बड़े कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाना है। इसमें से 3.5 लाख करोड़ रुपये सड़क क्षेत्र से आने की उम्मीद है।
जून 2025 में एनएचएआई ने अपना पहला ‘एसेट मॉनिटाइजेशन स्ट्रैटेजी डॉक्युमेंट’ भी जारी किया। इसमें पूंजी जुटाने के लिए टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (ToT), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) और सेक्यूरिटाइजेशन सहित विभिन्न मॉडल शामिल हैं।