हादसे में मारा गया हेलीकॉप्टर का पायलट अनुभवी था और उसके पास 788 घंटे उड़ान का अनुभव था, लेकिन जो हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ, उस Bell 206 मॉडल हेलीकॉप्टर में उसने कितने घंटे उड़ान भरी थी, इसकी जांच की जा रही है।
बीते गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में एक हेलीकॉप्टर क्रैश होकर न्यूयॉर्क की हडसन नदी में गिर गया। जिससे हेलीकॉप्टर में सवार सीमेंस कंपनी के सीईओ समेत उनके परिवार के पांच लोगों और एक पायलट ही मौत हो गई थी। अब हादसे की जांच में पता चला है कि हेलीकॉप्टर में फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर मौजूद ही नहीं था। इसके चलते हादसे की जांच में परेशानी आएगी क्योंकि फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर ही फ्लाइट के पूरे डाटा को रिकवर करने और कॉकपिट के माहौल की जानकारी देता है। इसमें हेलीकॉप्टर में सवार लोगों को वॉइस सैंपल भी होते हैं। हालांकि हेलीकॉप्टर में फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर न होने से अब जांच एजेंसियों को कभी पता नहीं चल पाएगा कि हादसे के वक्त क्या हुआ था।
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कई जरूरी उपकरण नहीं मिले
हादसे की जांच कर रहे नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने कहा है कि विमान का बीती 1 मार्च को सर्विस हुई थी। गोताखोर और पुलिस विभाग अभी भी हडसन नदी में हेलीकॉप्टर के अहम उपकरणों जैसे मेन रोटर, टेल रोटर, गियरबॉक्स आदि की तलाश कर रहे हैं। कई हिस्से और जरूरी उपकरण बरामद हुए हैं और उनकी जांच की जा रही है। हादसे में मारा गया हेलीकॉप्टर का पायलट अनुभवी था और उसके पास 788 घंटे उड़ान का अनुभव था, लेकिन जो हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ, उस Bell 206 मॉडल हेलीकॉप्टर में उसने कितने घंटे उड़ान भरी थी, इसकी जांच की जा रही है।
कंपनी के विमान पहले भी हो चुके हादसों के शिकार
गौरतलब है कि न्यूयॉर्क हेलीकॉप्टर नामक कंपनी का हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ और पहले भी इस कंपनी के विमान कई बार हादसों के शिकार हो चुके हैं। साल 2013 में इसी कंपनी के एक विमान की हडसन नदी में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान के इंजन फेलियर की वजह से ऐसा हुआ। जांच में कंपनी के विमान की सही देखभाल न होने को हादसे की वजह बताया गया था। साल 2015 में भी कंपनी के एक विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी। साल 2019 में कंपनी ने खुद दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। कंपनी ने कहा है कि वे ताजा हादसे में जांच में सहयोग करेंगे।