मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार 6.48 अरब डॉलर घटकर 675.65 अरब डॉलर पर
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आठ नवंबर को समाप्त सप्ताह में 6.48 अरब डॉलर घटकर 675.65 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.67 अरब डॉलर घटकर 682.13 अरब डॉलर रहा था। सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा था जो पिछले कई हफ्ते से घट रहा है।
रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, आठ नवंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 4.47 अरब डॉलर घटकर 585.38 अरब अमेरिकी डॉलर रह गईं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.94 अरब डॉलर घटकर 67.81 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 6 करोड़ डॉलर घटकर 18.16 अरब डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार 1.4 करोड़ डॉलर घटकर 4.30 अरब डॉलर पर आ गया।
एयर इंडिया ने शीतकालीन सत्र में कोलकाता और बागडोगरा से 230 साप्ताहिक उड़ानों की घोषणा की
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बागडोगरा से अपनी सेवाओं के विस्तार की घोषणा की। इस साल सर्दियों में साप्ताहिक उड़ानों की संख्या बढ़कर 230 से अधिक हो जाएगी, जबकि पिछले साल इसी मौसम में यह संख्या 168 थी। एयरलाइन ने कहा कि इस वृद्धि में कोलकाता को श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) और इंदौर व बागडोगरा को चेन्नई से जोड़ने वाले नए सीधे मार्ग शामिल हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी डॉ. अंकुर गर्ग ने एक बयान में कहा, "कोलकाता और बागडोगरा से 230 से अधिक साप्ताहिक उड़ानों वाला हमारा नया शीतकालीन कार्यक्रम इस क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को जाहिर करता है।"
उन्होंने कहा, "हम अगले महीने कोलकाता-पोर्ट ब्लेयर के बीच नई उड़ान शुरू करने को लेकर रोमांचित हैं, जो छुट्टियों के मौसम के लिए बिल्कुल सही समय है, इस दौरान, हमारे मेहमानों को यात्रा के अधिक विकल्प मिलेंगे।" बयान के अनुसार, “जामदानी” और “कांथा” डिजाइनों से प्रेरित दो नए विमान, मेहमानों को पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराएंगे।
हैदराबाद: भारत का स्वास्थ्य सेवा व्यय जीडीपी के 2% से भी कम; इसे बढ़ाने की जरूरत, बोले पूर्व आरबीआई गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने शुक्रवार को कहा कि भारत का स्वास्थ्य सेवा व्यय वर्तमान में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत से भी कम है और सरकारों को इसे तत्काल बढ़ाना चाहिए। आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन (आईएफएचई) में बोलते हुए रंगराजन ने "स्वास्थ्य सेवा पर खर्च बढ़ाने से पहले निधि के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने" के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, "भारत में स्वास्थ्य सेवा पर व्यय को जीडीपी के कम से कम 2.8 प्रतिशत तक बढ़ाने पर लगातार चर्चा हो रही है। हालांकि, मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि हम जीडीपी का केवल 1.8 या 1.9 प्रतिशत ही खर्च कर रहे हैं।"
"सरकारों को स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च बढ़ाना चाहिए, मुफ्त सेवाएं प्रदान करने वाले अस्पताल स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन निधियों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाए।"
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि देश की प्रगति में तेजी लाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य महत्वपूर्ण हैं। "हालांकि, भारत की सामाजिक व्यय प्रणाली में, स्वास्थ्य की तुलना में शिक्षा के लिए अधिक संसाधन आवंटित किए जाते हैं, जो आदर्श दृष्टिकोण नहीं हो सकता है।"