वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित एफटीए पर बातचीत बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और अंतिम चरण में पहुंच गई है। उन्होंंने बताया कि दोनों पक्षों ने बीते हफ्ते ब्रुसेल्स में 14वें दौर की बातचीत पूरी कर ली।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे मुक्त व्यापार समझौते को लेकर राहत भरी खबर आई है। सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि प्रस्तावित एफटीए पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और अंतिम चरण में पहुंच गई है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने बीते हफ्ते ब्रुसेल्स में 14वें दौर की बातचीत पूरी कर ली। हालांकि, लेकिन कुछ भारतीय अधिकारी मूल नियमों (आरओओ) पर बातचीत पूरी करने के लिए रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम बातचीत के अंतिम दौर में हैं। आखिरी चरण बातचीत का सबसे कठिन चरण होता है क्योंकि अंत में सबसे कठिन मुद्दों पर ही निर्णय लिया जाता है। इस दौर में प्रगति बहुत सकारात्मक रही है। 'मूल के नियम' (आरओओ) प्रावधान न्यूनतम प्रसंस्करण निर्धारित करता है जो एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) देश में होना चाहिए ताकि अंतिम निर्मित उत्पाद को उस देश में मूल वस्तु कहा जा सके।
अग्रवाल ने कहा, "यह (आरओओ) एक ऐसा क्षेत्र है जहां बहुत काम करने की जरूरत है। इसलिए हमने टीम को वहीं छोड़ दिया है। यह योजना बनाई गई थी कि लगातार दो हफ़्ते तक बातचीत की जाए ताकि यह देखा जा सके कि हम ठोस प्रगति कर सकते हैं या नहीं।
अगले दौर की वार्ता की तारीख तय नहीं
उन्होंने कहा कि अगले दौर की वार्ता की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन चर्चाएं जारी हैं, क्योंकि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर दोनों पक्षों को निरंतर बातचीत करने की जरूरत है।
भारत-अमेरिका की व्यापार वार्ता जारी
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। बातचीत के लिए अमेरिका की ओर से मनोनीत राजदूत भारत में थे। उन्होंने सभी हितधारकों से मुलाकात की और अच्छी बैठकें हुईं। भारत की वार्ता टीम अमेरिका में है। वे यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हम दोनों पक्षों के लिए बेहतर होने वाले समाधान निकाल सकते हैं। बातचीत चल रही है। हम गहन कर रहे हैं। हमने भारत की ओर से अमेरिका को निर्यात में वृद्धि देखी है और यह आगे भी जारी रह सकती है।