कॉरपोरेट विवाद न्यायाधिकरण एनसीएलटी ने कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है, यह कॉफी डे ग्रुप की मूल कंपनी है जो कैफे कॉफी डे नाम (सीसीडी) की कॉफी स्टोर्स की शृंखला का संचालन करती है। एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) की बेंगलुरु पीठ ने 8 अगस्त को आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड (आईडीबीआईटीएसएल) की ओर से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया।
इस याचिका में सीडीईएल पर 228.45 करोड़ रुपये के भुगतान में चूकने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में एनसीएलटी ने कर्ज में डूबी कंपनी के संचालन की देखरेख के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया।
सीडीईएल एक रिसॉर्ट का भी संचालन करती है। इसके साथ ही कंपनी परामर्श सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी कॉफी बीन्स की बिक्री और खरीद का भी कारोबार करती है। कंपनी पर रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) के कूपन भुगतान के भुगतान में चूक का आरोप है। वित्तीय लेनदार ने निजी प्लेसमेंट के माध्यम से 1,000 एनसीडी की सदस्यता ली थी और मार्च 2019 में सदस्यता के लिए 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
इस मामले में सीडीईएल ने आईडीबीआईटीएसएल के साथ एक समझौता किया था। आईडीबीआईटीएसएल डिबेंचर धारकों के लिए डिबेंचर ट्रस्टी के रूप में नियुक्त होने पर सहमत हुआ था। हालांकि, सीडीईएल सितंबर 2019 और जून 2020 के बीच विभिन्न तारीखों पर देय कुल कूपन भुगतान का भुगतान करने में चूक गई। नतीजतन, डिबेंचर ट्रस्टी ने सभी डिबेंचर धारकों की ओर से, 28 जुलाई, 2020 को सीडीईएल को डिफॉल्ट का नोटिस जारी किया और एनसीएलटी से संपर्क किया।
सीडीईएल ने इस कदम का विरोध करते हुए दावा किया कि आईडीबीआईटीएसएल सीआईआरपी (कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया) शुरू करने के लिए अधिकृत नहीं है क्योंकि डिबेंचर ट्रस्टी समझौता और डिबेंचर ट्रस्ट डीड सीआईआरपी शुरू करने के लिए उसे शक्तियां प्रदान नहीं करती हैं।