वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की ऋण वृद्धि सालाना आधार पर 19 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। मॉर्गन स्टैनली की हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। मॉर्गन स्टैनली ने कहा कि हमारा अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में कुल ऋण वृद्धि दर 19 प्रतिशत वार्षिक आधार पर और 4 प्रतिशत की तिमाही आधार पर स्थिर रहेगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इन संस्थाओं के शुद्ध लाभ में जून तिमाही में 15% की वार्षिक वृद्धि होगी। यह मार्च तिमाही में 5 प्रतिशत थी। यह वृद्धि पूंजी जुटाने की गतिविधियों से हुए लाभ और कुछ संस्थानों के मुनाफे में सुधार के कारण हुई है, जिन्हें पिछली तिमाही में घाटा हुआ था।
जीवन बीमा क्षेत्र की बात करें तो रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कंपनियों में अप्रैल और मई 2025 में एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (एपीई) में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है। पूर्वानुमान में मजबूत प्रदर्शन करने वाली कंपनियों के लिए जून में एपीई में लगभग 9 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। हालांकि, एक अन्य प्रमुख कंपनी को तिमाही अनुमानों को पूरा करने के लिए केवल जून में ही 9.5 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी। नए व्यवसाय के मूल्य (वीएनबी) में वृद्धि अलग- अलग रहने की उम्मीद है। हाल ही में ब्याज दरों में कटौती के बाद गैर-भागीदारी गारंटीकृत उत्पादों की बढ़ती मांग से कुछ बीमा कंपनियों को दोहरे अंकों की वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि, अन्य कंपनियां स्थिर मार्जिन की रिपोर्ट कर सकती हैं और परिणाम जून के प्रदर्शन पर निर्भर होंगे।
गैर-जीवन बीमा क्षेत्र के लिए रिपोर्ट में फिलहाल कोई पूर्वानुमान नहीं दिया गया है क्योंकि कुछ कंपनियों की घोषणाएं और नियामकीय स्पष्टता अभी बाकी है। डिजिटल बीमा वितरकों की बात करें तो इस क्षेत्र में नए व्यवसाय की वृद्धि लगातार दूसरी तिमाही में धीमी हो सकती है, क्योंकि पिछले साल की पहली तिमाही में 65 प्रतिशत से ज्यादा की तेज वृद्धि दर्ज की गई थी। पूंजी बाजार से जुड़ी कंपनियों के लिए रिपोर्ट सकारात्मक है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार की मजबूती के चलते इन कंपनियों की आय में अच्छा इजाफा हो सकता है।