प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की लाइट बंद करने की अपील की। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली पारेषण कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन (पीजीसीआईएल) प्रधानमंत्री की अपील को देखते हुए ग्रिड की स्थिरता को लेकर काम कर रही है और उसने किसी प्रकार की समस्या नहीं आने को लेकर भरोसा जताया है।
सूत्रों के अनुसार बिजली मंत्री आर के सिंह ने पीजीसीआईएल और अन्य संबंधित पक्षों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है। पीजीसीआईएल ने ग्रिड की स्थिरता को लेकर पूरा भरोसा जताया है।
कुछ तबकों में इस बात को लेकर चिंता जताई गई है कि देश में 'लॉकडाउन' के कारण बिजली की मांग पहले से कम है, ऐसे में अचानक से मांग ‘बंद’ होने से क्या ग्रिड स्थिति से निपट सकता है? पुन: नौ मिनट बाद मांग एकदम से बढ़ेगी तो क्या इस प्रकार के उतार-चढ़ाव से ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति की आशंका नहीं है?
ग्रिड को स्थिर बनाए रखने का पूरा भरोसा
ऐसे में बिजली मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि आपदा के समय भी उतार-चढ़ाव को ग्रिड झेलती है और स्थिर रहती है। और ये स्थिति तो पहले से पता है। ऐसे में पावर ग्रिड और दूसरी एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं और उन्हें ग्रिड को स्थिर बनाए रखने का पूरा भरोसा है।
इस बीच, ग्रिड के एकीकृत संचालन के लिए जिम्मेदार पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (पीओएसओसीओ) यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि ग्रिड के संभावित ठप होने के कारण ग्रिड पर कोई दबाव नहीं आए और और देश भर में बिजली ठप ना हो।
बिजली की मांग में गिरावट
बिजली मंत्रालय की ओर से जारी आंकडों के अनुसार दो अप्रैल को बिजली की मांग 25 फीसदी घटकर 1,25,810 मेगावॉट रह गई, जो पिछले साल दो अप्रैल को 1,68,320 मेगावॉट थी।