यर बाजार फिर से 66,000 के पार है। ब्याज दरें भी ऊंची बनी हुई हैं। सोने की कीमतें 60 हजार प्रति 10 ग्राम के आस पास हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह तीनों निवेश के साधन आगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। निफ्टी इस साल जहां 20,500 के पार हो सकता है, वहीं सोना भी 63-65 हजार के दायरे में रह सकता है। ब्याज दरें दिसंबर तक ऊंची ही रहेंगी। ऐसे में मल्टी एसेट फंड निवेश के लिए बेहतर साधन है। यह एक ऐसा फंड है जो आपके 100 रुपये के निवेश को इन तीनों साधनों में लगाता है। इसमें सबसे ज्यादा निवेश इक्विटी में किया जाता है।
रिटर्न में जोखिम का समायोजन
कई संपत्तियों में निवेश से लंबे समय में बेहतर जोखिम समायोजित रिटर्न मिलता है। मल्टी-एसेट इक्विटी फंड डेट और सोने में निवेश करता है। इन तीन परिसंपत्तियों में होने वाली हलचलों का संबंध एक-दूसरे से नहीं होता है, क्योंकि उनके काम अलग-अलग हैं। जब मल्टी-एसेट दृष्टिकोण अपनाया जाता है तो पोर्टफोलियो विविधीकरण और सही संपत्तियों में निवेश होता है। निवेशकों को विभिन्न एसेट क्लास की तेजी में भाग लेने का भी मौका मिलेगा और अस्थिर बाजारों के दौरान गिरावट पर भी अंकुश लगेगा।
सेंसेक्स...अस्थिरता के बावजूद उच्च स्तर पर
अस्थिरता के बावजूद सेंसेक्स जुलाई में 67,000 के पार चला गया था। विकसित और उभरते देशों में ब्याज दरें भी ऊंचे स्तर पर हैं क्योंकि केंद्रीय बैंक महंगाई से जूझ रहे हैं। सोने में तेजी रही है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए बाजार में प्रवेश करना मुश्किल हो सकता है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड के 20 से अधिक वर्षों के प्रदर्शन को देखते हुए यह निवेशकों के लिए उम्दा विकल्प बनकर उभरा है। मल्टी-एसेट हाइब्रिड श्रेणी में अक्तूबर, 2002 में अपनी स्थापना के बाद से इसने 21.13% रिटर्न सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से (31 अगस्त, 2023 तक) देकर कुछ वर्षों में अच्छा रिकॉर्ड बनाया है।
बाजार की स्थितियों पर निर्भर है निवेश
बाजार के मूल्यांकन के हिसाब से मल्टी एसेट फंड परिसंपत्ति आवंटन में फेरबदल करता है। आई प्रू मल्टी एसेट फंड का मार्च 2020 में इक्विटी में निवेश कुल संपत्ति का 73 फीसदी था जो मार्च 2021 में 78 फीसदी हो गया। आईप्रू फंड ने सॉफ्टवेयर, मेटल और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश कम जबकि मूल्यांकन आकर्षक होेने से बिजली, दूरसंचार, ऑटो और फार्मा में निवेश बढ़ा दिया है।