देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप-10 अमीरों की सूची में लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल, वह सातवें पायदान पर पहुंच गए हैं और उनकी नेट वर्थ एक बार फिर से 100 अरब डॉलर का पार कर गई है। 65 वर्षीय अंबानी ने पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद 6 जुलाई 2002 को रिलायंस की कमान अपने हाथ में ली और इसे बुलंदियों पर पहुंचा दिया। आज यह देश की सबसे वैल्यूवल कंपनी बन चुकी है।
टॉप-10 रईसों में दबदबा कायम
दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी बीते कुछ समय से 10वें और 11वें पायदान पर पहुंच गए थे। जबकि, इसमें शामिल दूसरे भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी उनसे काफी आगे चल रहे थे। लेकिन अब एक बार फिर से मुकेश अंबानी ने लंबी छलांग लगाई है और गौतम अदाणी को कहीं पीछे छोड़ते हैं 101 अरब डॉलर नेट वर्थ के साथ सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने फिर से एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति होने का खिताब भी अपने नाम कर लिया है। इस मुकाम तक पहुंचने का मुकेश अंबानी का सफर बेहद दिलचस्प रहा। उनके पिता दिवंगत धीरूभाई अंबानी जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज को छोड़कर गए थे, वहां से अंबानी कंपनी को ऐसे मुकाम पर ले गए, जहां देश-दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां उससे काफी पीछे रह गईं।
ऐसे की करियर की शुरुआत
गौरतलब है कि केमिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी ने 1981 में अपने पिता धीरूभाई अंबानी के साथ मिलकर रिलायंस पेट्रोलियम रसायन की शुरुआत की थी। इसके बाद 1985 में कंपनी का नाम रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड से बदलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर दिया। पेट्रोलियम के अलावा मुकेश अंबनी ने टेलीकॉम क्षेत्र में भी अपने कदम आगे बढ़ाए और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड की स्थापना की। मुकेश अंबानी ने अपनी मेहनत और लगन से रिलायंस इंडस्ट्रीज को देश की सबसे बड़ी के कंपनी बना दिया। यहां बता दें कि साल 2002 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 75,000 करोड़ रुपये था, जो अब मुकेश अंबानी के कुशल नेतृत्व में बढ़कर 17 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। वहीं दूसरी ओर उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस कैपिटल अब बिकने की कगार पर पहुंच चुकी है।
कारोबारी दुनिया में लगातार बढ़ते कदम
मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान हाथ में लेने के बाद न केवल पेट्रोलियम बल्कि रिटेल, लाइफ साइंसेज, लॉजिस्टिक्स, टेलीकॉम और इंफ्रास्क्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपनी दमदार दस्तक दी। उनकी रिलायंस रिटेल भारत की सबसे बड़ी रिटेल बिजनेस की कंपनी है और अमेजन को टक्कर दे रही है। वहीं 2016 में मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो को लॉन्च किया और 2जी और 3जी पर चल रही टेलीकॉम कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए 4जी सुविधा देते हुए इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरी। इसके अलावा रिलायंस पेट्रोलियम के जरिए उन्होंने तेल कारोबार में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है, जबकि अब उनका जोर ग्रीन एनर्जी के ऊपर है।
जियो की दम पर नौ महीने पहले कर्जमुक्त
मुकेश अंबानी की सूझबूझ के कारण ही रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने महज 58 दिनों में जियो प्लेटफॉर्म्स की एक चौथाई से कम हिस्सेदारी बेचकर 1.15 लाख करोड़ रुपये और राइट इश्यू के जरिए 52,124.20 करोड़ रुपये जुटाए। इसकी दम पर कंपनी तय समय से नौ महीने पहले ही पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गई। रिलायंस पर 31 मार्च 2020 की समाप्ति पर 1,61,035 करोड़ रुपये का कर्ज था और कंपनी ने 31 मार्च 2021 तक चुकाने का लक्ष्य रखा था। मुकेश अंबानी ने इस उपलब्धि पर कहा था कि मैंने कंपनी के शेयरधारकों से किया वादा पूरा किया।