फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार कभी भी छोटे-मझोले उद्योगों के लिए कर सकती है राहत की घोषणा, प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास

Thu, 30 Apr 2020 06:03 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री से की है विस्तृत चर्चा
  • एमएसएमई को दिया आश्वासन, कहा- सरकार आपके साथ
  • बोले, जितना बन पड़ेगा, सरकार सब करेगी
विज्ञापन
नितिन गडकरी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के मंत्री नितिन गडकरी छोटे उद्यमियों का दर्द समझते हैं। उन्होंने एमएसएमई एंटरप्राइजेज के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को आश्वस्त किया है। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि लॉकडाउन के बाद से लगातार केंद्रीय मंत्री इस क्षेत्र के कारोबारियों, लोगों, प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा में हैं और काफी समय पहले प्रधानमंत्री से विस्तृत चर्चा करके केंद्रीय वित्त मंत्रालय को राहत का प्रस्ताव भेज दिया है।

फैसला अब वित्त मंत्रालय या प्रधानमंत्री के हाथों में

नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र इकोनॉमिक डेवलपमेंटल काउंसिल के प्रतिनिधियों से भी इस बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विस्तार से चर्चा की। उन्हें आने वाले समय में अवसरों के बारे में बताया। नितिन गडकरी ने यह भी जानकारी दी कि वर्किंग कैपिटल को 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है और जल्द ही यह निर्णय अमल में आ जाएगा।
विज्ञापन


हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह नहीं बताया कि इस राहत पैकेज का क्या और कैसा स्वरूप होगा। उन्होंने कहा कि यह मामला अब प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास है, इसलिए निर्णय होने तक उनका कुछ कहना ठीक नहीं है। नितिन गडकरी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु, मध्यम एंटरप्राइजेज की परिभाषा मेंं बदलाव पर भी जल्द निर्णय हो जाएगा।
 

गडकरी का कहना है कि लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार अब पूंजी में प्रवाह को लेकर प्रतिबद्ध है। इसके बाबत कई उपाय किए जाने हैं। वह सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं। हर दिन 2 किमी से बढ़ाकर 30 किमी तक सड़क निर्माण की योजना है और इस क्षेत्र में रियल एस्टेट के कारोबारियों को भी उतारने की योजना बना रहे हैं।

तनख्वाह का मामला नियोक्ता और कर्मचारी के रिश्ते पर छोड़ दें

पुणे के प्रदीप भार्गव ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि क्षेत्र में करीब 3000 एमएसएमई हैं। लॉकडाउन के बाद इसे शुरू करने में कई व्यहारिक कठिनाई आ सकती है। खासकर, मैन पॉवर मूवमेंट को लेकर।

विज्ञापन


इस दौरान भार्गव ने कहा कि केंद्र सरकार को कर्मचारियों की तनख्वाह देने का मामला कंपनियों के नियोक्ता और कर्मचारी के ऊपर छोड़ देना चाहिए। भार्गव ने कहा कि नियोक्ता अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन के समय की 100 फीसदी तनख्वाह नहीं दे सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यह जीरो फीसदी भी नहीं होनी चाहिए, लेकिन इसमें सावधानी बरतनी चाहिए।

कोरिया, जापान समेत अन्य देशों की कंपनियां आ सकती हैं भारत

केद्रीय मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के लोगों को बताया कि लॉकडाउन के बाद एक बड़ा अवसर भी उनका इंतजार कर रहा है। केंद्र सरकार की निगाह भी इस ओर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति देखकर दक्षिण कोरिया, जापान समेत अन्य देशों की कंपनियों के भारत की तरफ रुख करने की संभावना तलाश रही है।

इस पर काम चल रहा है। इस दौरान महाराष्ट्र इकोनामिक डेवलमेंट काउंसिल के सदस्यों ने भी विचारों को साझा करते हुए कि चीन के प्रति दुनिया में गुस्सा है। तमाम अंतरराष्ट्रीय कंपनियां वहां से काम समेट रही हैं और भारत को इसका लाभ लेना चाहिए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें