केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के मंत्री नितिन गडकरी छोटे उद्यमियों का दर्द समझते हैं। उन्होंने एमएसएमई एंटरप्राइजेज के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को आश्वस्त किया है। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि लॉकडाउन के बाद से लगातार केंद्रीय मंत्री इस क्षेत्र के कारोबारियों, लोगों, प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा में हैं और काफी समय पहले प्रधानमंत्री से विस्तृत चर्चा करके केंद्रीय वित्त मंत्रालय को राहत का प्रस्ताव भेज दिया है।
गडकरी का कहना है कि लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार अब पूंजी में प्रवाह को लेकर प्रतिबद्ध है। इसके बाबत कई उपाय किए जाने हैं। वह सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं। हर दिन 2 किमी से बढ़ाकर 30 किमी तक सड़क निर्माण की योजना है और इस क्षेत्र में रियल एस्टेट के कारोबारियों को भी उतारने की योजना बना रहे हैं।
पुणे के प्रदीप भार्गव ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि क्षेत्र में करीब 3000 एमएसएमई हैं। लॉकडाउन के बाद इसे शुरू करने में कई व्यहारिक कठिनाई आ सकती है। खासकर, मैन पॉवर मूवमेंट को लेकर।
केद्रीय मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के लोगों को बताया कि लॉकडाउन के बाद एक बड़ा अवसर भी उनका इंतजार कर रहा है। केंद्र सरकार की निगाह भी इस ओर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति देखकर दक्षिण कोरिया, जापान समेत अन्य देशों की कंपनियों के भारत की तरफ रुख करने की संभावना तलाश रही है।
इस पर काम चल रहा है। इस दौरान महाराष्ट्र इकोनामिक डेवलमेंट काउंसिल के सदस्यों ने भी विचारों को साझा करते हुए कि चीन के प्रति दुनिया में गुस्सा है। तमाम अंतरराष्ट्रीय कंपनियां वहां से काम समेट रही हैं और भारत को इसका लाभ लेना चाहिए।