केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को आईएमएफ की नीतिगत एवं इसकी सदस्यता विषय पर आयोजित एक गोलमेज चर्चा में शिरकत की। इस बैठक की मेजबानी मोरक्को के मराकोच में विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठक के मौके पर अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने की।
मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अच्छी तरह से पूंजी-संपन्न बनाए रखने की जरूरत है।
वित्त मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट जारी कर इस बैठक का ब्योरा देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने आईएमएफ के उद्देश्य और कर्ज नीतियों के अलावा इसे एक सशक्त, कोटा-आधारित और समुचित संसाधन वाला संगठन बनाने की बात कही। उन्होंने गरीबी ह्रास एवं विकास ट्रस्ट (पीआरजीटी) के वित्त पोषण और आईएमएफ के कामकाजी सुधारों के बारे में भी चर्चा की।
जी 20 समूह की प्राथमिकताओं का किया जिक्र
सीतारमण ने जी 20 समूह की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के लिए समन्वित और सर्वसम्मति पर आधारित समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बहुपक्षवाद के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मुद्रकोष का खास ध्यान वृहद-आर्थिक निगरानी और नीतिगत मार्गदर्शन पर होना चाहिए। इसके अलावा सदस्यता की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखना होगा।
वित्त मंत्री ने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड में कामकाज संबंधी सुधारों और लैंगिग को भारत का समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भारत में हाल ही में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के कानून पारित किया है।
आईडीबी के अध्यक्ष से भी की मुलाकात
बयान के अनुसार, सीतारमण ने अंतर-अमेरिकी विकास बैंक (आईडीबी) के अध्यक्ष इलान गोल्डफैजन से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच मौजूदा विकास चुनौतियों एवं अवसरों पर चर्चा हुई।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 से 15 अक्तूबर तक मोरक्को के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान वह बैठकों के अलावा इंडोनेशिया, मोरक्को, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, जर्मनी और फ्रांस के साथ द्विपक्षीय बैठकें लेंगी ।