सरकार गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले परिवार को नि:शुल्क घरेलू रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराने जा रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत आगामी 1 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया से होगी। इसकी जानकारी पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी।
गिव इट अप कार्यक्रम के तहत घरेलू रसोई गैस -एलपीजी- पर सब्सिडी छोड़ने वालों की संख्या 1 करोड़ से भी ज्यादा होने के उपलक्ष्य में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत आगामी 1 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया से होगी। इसकी शुरूआत करने के लिए प्रधानमंत्री खुद बलिया जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 1857 में स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल बजाने वाले मंगल पांडेय की धरती से शुरू होने वाली इस योजना के तहत गरीबों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन और चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना की घोषणा इस साल के बजट भाषण में की गई थी। प्रधान ने बताया कि इस योजना के तहत तीन साल में पांच करोड़ लोगों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इस साल इसके तहत डेढ़ करोड़ लोगों को योजना में शामिल किया जाएगा। इस योजना के पात्र लाभार्थियों को चुनने के लिए सामाजिक आर्थिक जाति गणना 2011 को अधार बनाया जाएगा। कौन इसके पात्र हैं, इसका प्रमाणन राज्य सरकार के अधिकारी करेंगे। उसी प्रमाणन के आधार केन्द्र सरकार की पेट्रोलियम कंपनियां एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करेंगी।
इससे पहले उन्होंने बताया कि स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने वालों की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा हो गई है। इस मद में जो राशि बचेगी उसका इस्तेमाल गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले परिवार को एलपीजी कनेक्शन देने में होगा। इस राशि से अभी तक 60 लाख कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह तक एक करोड़ 13 लाख ग्राहकों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है। यह योजना जारी रहेगी, जो भी इसे छोड़ना चाहें, उनके लिए विकल्प खुला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारियों के मुताबिक इस कार्यक्रम में अधिकतर मध्यम वर्गीय लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है। इसमें सबसे अधिक, 40 फीसदी ग्राहक इंडियन
आयल के हैं जबकि भारत पेट्रोलियम एवं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक तीस-तीस फीसदी हैं।