सरकार ने राजमार्ग निर्माण में लगी कंपनियों के इस साल 14,248 करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया है। इससे राजमार्गों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और डेवलपर का विश्वास बढ़ेगा।
कारोबार में बढ़ेगी सुगमता
मंत्रालय ने कहा है कि इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों का आपसी सहमति से निपटारा करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों की समाधान समितियां भी बनाई गईं हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि उसने ठेकेदारों के विभिन्न मुद्दों को निपटाने का काम कर रही है। इसमें मध्यस्थ के जरिए उनके बकाए का निपटाने करना भी शामिल है। इससे देश में कारोबार में सुगमता के साथ ही गुणवत्ता वाली बेहतर सड़कें बनाने में संबंध पक्षों का विश्वास बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की समाधान समितियां भी बनाई गईं
वक्तव्य में कहा गया है, 'इस काम के लिए क्षेत्र के स्वतंत्रा विशेषज्ञों को मिलकर समाधान समितियां गठित की गई हैं। सभी ठेकेदारों को उनके दावों का आपसी सहमति से समाधान करने के लिये बुलाया जा रहा है। सहमति बनने पर उनके बकाये को तुरंत जारी किया जा रहा है। इस साल 14,248 करोड़ रुपये के दावों वाले 47 मामलों का निपटान किया गया है। इसके अलावा 59 अन्य मामलों को लेकर बातचीत चल रही है।'
इसमें कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का वार्षिक वृति दायित्व करीब 5,000 करोड़ रुपये है, इस प्रकार के सभी दायित्वों का समय पर भुगतान किया जा रहा है।