लोकप्रिय भारतीय मसाला ब्रांड एमडीएच, जिसके कुछ उत्पादों में गड़बड़ियों की जांच जारी है, पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 2021 से बैक्टीरिया की मौजूदगी के कारण इसके अमेरिकी शिपमेंट का औसतन 14.5 प्रतिशत रिजेक्ट कर किया गया है। अमेरिकी नियामक के आंकड़ों के एक विश्लेषण में यह बात सामने आई है। यह विश्लेषण रॉयटर्स ने किया है।
एथिलीन ऑक्साइड मानव उपभोग के लिए अयोग्य है और लंबे समय तक जोखिम के साथ कैंसर का खतरा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक है और मसालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता और निर्यातक भी है। सिय्योन मार्केट रिसर्च का अनुमान है कि 2022 में भारत का घरेलू बाजार 10.44 बिलियन डॉलर का था, और मसाला बोर्ड ने कहा कि भारत ने 2022-23 के दौरान 4 बिलियन डॉलर के उत्पादों का निर्यात किया।
आंकड़ों से पता चला है कि वित्त वर्ष 2022-23 में, 119 एमडीएच शिपमेंट में से लगभग 15 प्रतिशत को ज्यादातर साल्मोनेला की मौजूगी के कारण खारिज कर दिया गया था, जबकि 2021-22 के दौरान खारिज किए गए शिपमेंट का प्रतिशत 8.19% था। संयुक्त राज्य अमेरिका में एवरेस्ट को कम अस्वीकृति मिली है, 2023-24 में अब तक इसके 24 शिपमेंट में से केवल एक को साल्मोनेला की मौजूदगी के कारण खारिज किया गया है। आंकड़ों से पता चला है कि 2022-23 में एवरेस्ट के लगभग 3.7 प्रतिशत अमेरिकी शिपमेंट को रोक दिया गया था। वहीं, एक साल पहले अमेरिका में 189 शिपमेंट में से कोई भी अस्वीकृति नहीं हुई थी।
एफडीए के आंकड़ों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए एमडीएच के प्रवक्ता ने कहा कि हमारे उत्पाद सुरक्षित हैं। वहीं एवरेस्ट ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-2024 में उसके अमेरिकी शिपमेंट की 'असाधारण' अस्वीकृति दर 1% से कम थी, उन्हों कहा कि उनके उत्पाद सुरक्षित हैं।