अगर आप अगले कुछ दिनों में मारुति सुजुकी की कोई भी गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो फिर ज्यादा पैसा देने के लिए तैयार हो जाइये। कंपनी अब बड़ी छूट देने की स्कीम को खत्म करने जा रही है।
मांग कम होने के बावजूद उत्पादन ज्यादा होने से अब कंपनी ने फैसला किया है कि वो अब बड़ी छूट देने से तौबा करेगी। तीसरी तिमाही में औसतन मारुति की गाड़ियों पर कंपनी 25 हजार रुपये तक की छूट देती रही थी। हालांकि पिछले नौ महीनों में कंपनी की बिक्री अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
कंपनी को तीसरी तिमाही में लाभ 17.21 फीसदी तक गिर गया। अब घाटे से उबरने के लिए कंपनी ने अपने सभी गाड़ियों के मॉडल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। मारुति ने अपने उत्पादन का 25 प्रतिशत तक निर्यात करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिची आयुकावा के अनुसार 2020 तक कंपनी का निर्यात दो लाख इकाई सालाना छू जाने का अनुमान है।
गुजरात में कंपनी की तीसरी इकाई के शुरू होने के बाद 2020 तक उसका कुल उत्पादन (सुजुकी के साथ) 20 लाख इकाई सालाना को पार कर जाएगा। मारुति अपना निर्यात बढ़ाने के लिए नए बाजारों में प्रवेश करेगी। इससे उसे भारत में लागू किए जाने वाले उच्च सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।