रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले दस पैसे की गिरावट के साथ 82.90 के स्तर पर बंद हुआ। रुपये में यह गिरावट यूएस फेडरल रिजर्व की ओर से कठोर रुख अपनाते हुए ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद दर्ज की गई है। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को भारतीय मुद्रा 82.87 के स्तर पर खुली इसके बाद इसे 82.74 के उच्च और 82.92 के निचले स्तर को छूते देखा गया। यह अंततः अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 82.90 के स्तर पर बंद हुआ इसमें 82.80 की अपनी पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट आई।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स छह मुद्राओं के बास्केट की तुलना में हरे निशान पर कारोबार करते हुए 1.39 प्रतिशत की मजबूती के साथ 112.89 के लेवल पहुंच गया। वहीं इस दौरान वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 1.16 प्रतिशत फिसलकर 95.04 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, रिजर्व बैंक की दर निर्धारण समिति ने गुरुवार को मुद्रस्फीति पर सरकार को दी जाने वाली एक रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए बैठक की। बता दें कि केंद्रीय बैंक इस वर्ष जनवरी से लगातार तीन तिमाहियों में खुदरा मुद्रास्फीति को छह प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रखने में क्यों विफल रही, उसी से संंबंधित रिपोर्ट सरकार को सौंपी जानी है।