यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। मार्च की थोक महंगाई के आंकड़े, कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेशकों के रुझान बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे। निवेशकों का फोकस कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर भी होगा।
इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों के परिणाम जारी होंगे। इनमें शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का नतीजा आएगा। साथ ही हिंदुस्तान जिंक, टाटा कॉफी, एचसीएल टेक्नोलॉजी और टाटा कम्यूनिकेशन जैसी कंपनियों का नाम शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार का फोकस कंपनियों के नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर होगा। सोमवार को बाजार खुलने पर एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस की ओर से घोषित किए गए नतीजों का असर भी देखने को मिल सकता है।
एफआईआई ने किया 8,767 करोड़ का निवेश
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस महीने में भारतीय शेयर बाजार में 8,767 करोड़ रुपये का निवेश किया है। मार्च में इन्होंने 7,936 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि, तब अदाणी समूह के शेयरों में सबसे ज्यादा पैसा लगाया गया था। पिछले वित्त वर्ष में इन निवेशकों ने बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली की थी। इस वित्त वर्ष में विश्लेषकों का मानना है कि आगे भी ये निवेशक भारतीय बाजार में बने रहेंगे।
सरकारी बैंकों को बीमा बेचने का मिला लक्ष्य
सरकारी बैंकों को चालू वित्त वर्ष में प्रमुख सरकारी बीमा योजनाओं- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की बिक्री का लक्ष्य दिया गया है। अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं जैसे मुद्रा योजना और स्टैंडअप इंडिया योजना के लिए भी उनके लक्ष्य तय किए गए हैं।
वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इसमें उनसे जन सुरक्षा और मुद्रा योजना सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपील की। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव विवेक जोशी ने बैंकों को समयबद्ध तरीके से वित्तीय समावेशन के लिए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कहा।