देश में करीब दो महीने से बंद पड़ी घरेलू विमान सेवाओं को 25 मई 2020 से बहाल कर दिया गया। तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रौनक देखी गई। हालांकि कई यात्रियों की खुशी तब मायूसी में तब्दील हो गई, जब उन्हें हवाई अड्डे पर पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक पहले ही दिन राज्यों के प्रतिबंधों की वजह से करीब 630 उड़ानों को रद्द किया गया। ऐसे में कई यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा और रिफंड को लेकर वे चिंतित हैं।
नागर विमानन मंत्रालय ने पहले रिफंड को लेकर एक एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी के तहत कहा गया कि अगर किसी यात्री ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए टिकट बुक कराया है और उड़ान रद्द होती है तो एयरलाइंस उन्हें फुल रिफंड देगी।
यह रिफंड केवल उन्हीं टिकटों पर होगा, जिन्हें 25 मार्च से 14 अप्रैल के बीच में बुक किया गया होगा। लेकिन कुछ कंपनियों ने उन्हें रिफंड देने के बजाय उनकी टिकट को क्रेडिट शेल में डालने की बात कही थी। अब चौथे चरण में हवाई टिकट रद्द होने पर रिफंड को लेकर यात्री परेशान हैं। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने इसे लेकर शिकायत की है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हाल में इसे लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।
आकाश ओमर ने ट्वीट पर बताया कि उन्होंने गोआईबीबो के जरिए 27 मई के लिए टिकट बुक की थी। लेकिन फ्लाइट कैंसिल हो गई। उन्हें रिफंड या क्रेडिट शेल की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही गोआईबीबो उन्हें रिफंड की कोई जानकारी दे रहा है।
एक अन्य यात्री पैडी ने ट्वीट किया कि उन्होंने दो दिन के लिए दो टिकटें बुक की थीं, जो इंडिगो द्वारा कैंसिल हो गई हैं। इसके लिए रिफंड नहीं मिल रहा है। इसलिए उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इसके लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
दूसरी बार टिकट का पैसा ब्लॉक- यात्री सुधांशु पांडे
सुधांशु पांडे ने मुंबई से दिल्ली के लिए सुबह आठ बजे की टिकट बुक की थी। उन्होंने बताया कि वे 6.30 बजे चेक इन के लिए पहुंच गए थे। तब उन्हें पता चला कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है। उन्होंने एयरपोर्ट आने के लिए तीन कैब भी बुक की थीं, ताकि समय पर पहुंचने में कोई दिक्कत न हो। सुधांशु के अनुसार दूसरी बार उनके टिकट का पैसा ब्लॉक हो गया।
सिर्फ एक रिफंड फॉर्म दे दिया गया- यात्री दीपेश गुरुंग
फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्री रिफंड के लिए बेहद परेशान हैं। मार्च में वियतनाम से लौटे दीपेश गुरुंग को दार्जिलिंग जाना था। उनकी बागडोगरा के लिए सुबह फ्लाइट थी, जो कैंसल हो गई। उन्होंने कहा कि सबसे बुरा ये है कि एयरलाइन इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे रही कि फ्लाइट कब उड़ान भरेगी। सिर्फ एक रिफंड फॉर्म हमें दे दिया गया है।
ईद के दिन दिल्ली में फंसे हुए 27 वर्षीय युवा कारोबारी शकील अहमद अपने घर इंदौर जाकर, अब्बू-अम्मी को सरप्राइज देना चाहते थे, उनकी ईद की खुशियां बढ़ना चाहते थे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका दिल टूट गया। तड़के 5:30 बजे दिल्ली से इंदौर जाने वाली फ्लाइट रद्द की जा चुकी थी। एयरपोर्ट पर काफी जांच-पड़ताल करने के बाद उन्हें इस बाबत पता लगा। न तो एसएमएस आया और न ही ऑनलाइन इसकी जानकारी दी गई।