नए ऑर्डर एवं उत्पादन में विस्तार, जुझारू मांग और लागत का दबाव घटने से देश के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां मार्च, 2023 में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि, कारोबार में मामूली वृद्धि की वजह से कंपनियों ने पिछले एक साल में पहली बार नौकरियों में कटौती की।
सोमवार को जारी मासिक सर्वे के मुताबिक, एसएंडपी ग्लोबल भारत विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) मार्च में बढ़कर 56.4 पर पहुंच गया। यह 2023 में अब तक परिचालन परिस्थितियों में सबसे मजबूत सुधार का संकेत है। फरवरी, 2023 में विनिर्माण पीएमआई 55.3 रहा था।
आंकड़ों के मुताबिक, समग्र परिचालन में लगातार 21वें महीने सुधार हुआ है। पीएमआई का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में विस्तार और इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन को दिखाता है।
कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ने से लागत संबंधी महंगाई घटी
सर्वे में कहा गया है कि आपूर्ति शृंखला पर दबाव घटने और कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ने से लागत संबंधी महंगाई मार्च में ढाई साल के अपने दूसरे सबसे निचले स्तर पर आ गई। 96 फीसदी कंपनियों का मानना है कि फरवरी के बाद से लागत दबाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
लीमा ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में कीमतें और बढ़ीं। हालांकि, महंगाई दर फरवरी जितनी ही रही। बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
भारतीय सामानों की मजबूत मांग
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की एसोसिएट निदेशक (अर्थशास्त्र) पॉलियाना डी लीमा ने कहा, मार्च में भारतीय सामानों की आधारभूत मांग मजबूत रही। उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। कंपनियों ने भंडार बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।