सरकार ने 31 मार्च को जारी नई विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन निर्यातकों को राहत दी है, जो अपनी निर्यात बाध्यताएं पूरी नहीं कर पाए।
धोखाधड़ी की चल रही जांच और पूंजीगत वस्तुओं की सही जानकारी नहीं देने के मामलों को आम माफी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। नई विदेश व्यापार नीति में इस योजना की घोषणा की गई है।
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सरकार ने 31 मार्च को जारी नई विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन निर्यातकों को राहत दी है, जो अपनी निर्यात बाध्यताएं पूरी नहीं कर पाए। इसमें अग्रिम प्राधिकरण और निर्यात संवर्धन पूंजीगत उत्पाद (ईपीसीजी) योजनाओं के तहत निर्यात बाध्यताओं में चूक को लेकर एकमुश्त निपटान के लिए आम माफी योजना शुरू की गई है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने सार्वजनिक नोटिस में कहा, जांच के तहत चल रहे मामले या धोखाधड़ी, सामान या पूंजीगत वस्तुओं से संबंधित गलत घोषणा से जुड़े मामलों को माफी योजना से बाहर रखा जाएगा।
लाभ उठाने के लिए 30 जून तक पंजीकरण अनिवार्य
सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि ईपीसीजी योजना का लाभ उठाने के लिए के इच्छुक सभी प्राधिकरण धारकों को 30 जून, 2023 से पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय के साथ अपना पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, उन्हें 30 सितंबर, 2023 तक सीमा शुल्क और ब्याज का भुगतान पूरा करना होगा। योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए पूंजीगत वस्तुओं के आयात को सुविधाजनक बनाना है।