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Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार उद्योगों के लिए बनाएगी चार सर्कुलर इकोनॉमी पार्क, स्क्रैप रिसाइक्लिंग पर फोकस

Sun, 05 Feb 2023 10:31 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

महाराष्ट्र के प्रधान सचिव (इस्पात और खान) हर्षदीप कांबले ने कहा कि प्रस्तावित पार्क औरंगाबाद, रत्नागिरी, पुणे और नागपुर में बनेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार कोंकण तट पर रत्नागिरी में जहाज तोड़ने की इकाई, पुणे के पास ई-कचरा और ऑटो पार्ट्स इकाई, औरंगाबाद के पास जालना में स्टील स्क्रैप इकाई और नागपुर में बहुउद्देशीय बहु-उत्पाद इकाई की योजना बना रही है।
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CM Eknath Shinde, Devendra Fadanvis - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र सरकार प्रमुख उद्योगों के लिए चार सर्कुलर इकोनॉमी पार्क स्थापित करेगी। सरकार इस संबंध में नीति को मार्च तक तैयार करने और अप्रैल से लागू करने की तैयारी में है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सर्कुलर इकोनॉमी पार्क में मुख्य रूप से स्क्रैप और अन्य कचरे को रिसाइकिल किया जाएगा। राज्य के प्रधान सचिव (इस्पात और खान) हर्षदीप कांबले ने कहा कि प्रस्तावित पार्क औरंगाबाद, रत्नागिरी, पुणे के पास और नागपुर में बनेंगे।

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केरल के कोच्चि में भारतीय सामग्री पुनर्चक्रण संघ (एमआरएआई) द्वारा सामग्री पुनर्चक्रण (Material Recycling) पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार कोंकण तट पर रत्नागिरी में जहाज तोड़ने की इकाई, पुणे के पास ई-कचरा और ऑटो पार्ट्स इकाई, औरंगाबाद के पास जालना में स्टील स्क्रैप इकाई और नागपुर में बहुउद्देशीय बहु-उत्पाद इकाई की योजना बना रही है।

कांबले ने कहा कि नागपुर सुविधा अपशिष्ट पैदा करने वाले सभी प्रमुख उद्योगों की जरूरतों को पूरा करेगी और देश के बाकी हिस्सों के लिए हब और स्पोक मॉडल (Hub & Spoke Model) की तरह काम करेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक इकाई कम से कम 500 एकड़ और अधिकतम 1,000 एकड़ में स्थापित की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) के पास इन सभी क्षेत्रों में पहले से भूमि उपलब्ध है। इसलिए भूमि अधिग्रहण की कोई समस्या नहीं होगी। हालांकि प्रदूषण के मुद्दों को लेकर कुछ चिंताएं हैं, जिन्हें अगले महीने तक नीति को अंतिम रूप देने से पहले सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन योजना में शामिल होने वाली कंपनियों को बहुत सस्ती दरों पर पूरी तरह से विकसित भूमि के साथ-साथ कम जीएसटी, कम बिजली और पानी की दरों के साथ बहुत सारे प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ये रियायत पहली बार आने वाली कंपनियों को मिलेगी, जो इतनी बड़ी यूनिट लगा सकती हैं। उन्हें कॉमन स्क्रेपयार्ड/ब्रेकिंग यूनिट, स्टोरेज और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट फैसिलिटी भी ऑफर की जाएंगी।

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