मंगलवार को देश की आम जनता को डबल झटका लगा है। एक ओर जहां चार महीने से ज्यादा समय बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई, तो दूसरी ओर छह महीने के बाद आखिरकार रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा किया गया। सिलेंडर की कीमतें 50 रुपये बढ़ गईं। इस वृद्धि के बाद दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों की तुलना में पटना में सिलेंडर का दाम सबसे ज्यादा हो गया।
पटना में 1048 रुपये हुई कीमत
अब पटना में एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत 1048 रुपये हो गई है। बीती छह अक्तूबर 2021 को बदलाव के बाद से 14.2 किलो का रसोई गैस सिलिंडर पटना में 998 रुपये में बिक रहा था। जबकि, 19 किलो के कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में आठ रुपये की कमी की गई है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत 2,236 रुपये से घट कर 2,228 रुपये हो गई है। बदली हुई दरें मंगलवार से प्रभावी हो गई हैं।
जनता को लगा दोहरा झटका
गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम अक्तूबर 2021 से एक मार्च 2022 के बीच 275 रुपये बढ़ाए जा चुके हैं। इस महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किग्रा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 105 रुपये की बढ़ोतरी की थी। वहीं अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम जनता को सबसे बड़ा झटका लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के पांच राज्यों के 11 शहरों में इस वृद्धि के बाद एलपीजी सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के पार पहुंच गया है।
पटना में सिलेंडर इसलिए महंगा
दिल्ली से पटना तक एलपीजी सिलेंडर के दाम में इजाफा किया गया है, जिसके बाद सबसे महंगा सिलेंडर पटना में मिल रहा है। यहां बता दें कि 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर पर बेसिक रेट में डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन, इस्टैब्लिशमेंट चार्ज, डिलवरी चार्ज शामिल होते हैं और उसके बाद टैक्स भी लगाया जाता है। लेकिन, टैक्स की रेट हर राज्य में एक ही होती है और 5 फीसदी के आधार पर ही टैक्स लिया जाता है। राज्यों में दाम अलग-अलग होने का बड़ा कारण ये भी है कि हर राज्य में कमीशन और इस्टैब्लिशमेंट चार्ज अलग अलग होते हैं, जो वहां की ज्योग्राफी समेत अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं। इसके आधार पर ही इस्टैब्लिशमेंट चार्ज तय होते हैं, जैसे कहीं ट्रांसपोर्ट चार्ज ज्यादा है तो वहां ये चार्ज ज्यादा होंगे। इसके आधार पर ही सिलेंडर के दाम हर राज्य में अलग अलग हो जाते हैं।
जीएसटी के अंतर्गत घरेलू गैस
एक एलपीजी सिलेंडर में टैक्स की बात करें तो इसमे पेट्रोल-डीजल से अलग व्यवस्था है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार अलग अलग टैक्स नहीं लगाती है। यह जीएसटी के अधीन होता है और इसमें पूरे देश में एक ही टैक्स लगता है और वो सरकार को मिलता है। सरकार ने रसोई गैस को 5 फीसदी वाले स्लैब में शामिल किया है, जिसमें 2.5 फीसदी टैक्स केंद्र सरकार और 2.5 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार को मिलता है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की वेबसाइट के मुताबिक भी घरेलू गैस जीएसटी के अंतर्गत आती है। एलपीजी सिलेंडर पर कुल पांच फीसदी की दर से जीएसी लगता है। इसमें 2.5 फीसदी केंद्र सरकार और 2.5 फीसदी राज्य सरकार जीएसटी लगाती हैं। इसके अलावा एलपीजी सिलेंडर पर केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग टैक्स नहीं लगाती हैं।