लोकसभा ने बजट के दौरान पेश किए गए वित्त विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक अब ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) को भी टैक्स देना होगा। कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई पर टैक्स रेट बढ़ने का असर नहीं पड़ेगा और एफपीआई ट्रस्ट के बजाय कंपनी के तौर पर फिर से अपना रजिस्ट्रेशन कराने पर विचार कर सकते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2019-20 का मकसद व्यापार सुगमता, युवा उद्यमियों और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है। सरकार का इरादा भारत को दुनिया का बहुत बड़ा वित्तीय हब बनने का है। सरकार का मकसद डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। डिजिटल भुगतान से राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में अधिक पारदर्शिता आएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कर कानूनों के सरलीकरण के लिए नई कर संहिता को अंतिम रूप देने के मकसद से एक कार्यबल काम कर रहा है। इसकी रिपोर्ट 31 जुलाई तक आयेगी। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में गैर कराधान प्रावधानों के तहत सात अधिनियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है ताकि व्यवस्था को सरल किया जा सके, मेक इन इंडिया पहल को सुदृढ़ बनाया जा सके एवं विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान की जा सके।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम कानून में आठ बिन्दुओं पर संशोधन किया गया है। इसमें से 6 उपबंध में संशोधन किये गए हैं। इसमें एक प्रावधान को समाप्त करने और एक प्रावधान जोड़ने से संबंधित है।