फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा में वित्त विधेयक को मंजूरी, ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड FPI को देना होगा टैक्स

Thu, 18 Jul 2019 08:20 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
- फोटो : PTI
विज्ञापन

लोकसभा ने बजट के दौरान पेश किए गए वित्त विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक अब ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) को भी टैक्स देना होगा। कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई पर टैक्स रेट बढ़ने का असर नहीं पड़ेगा और एफपीआई ट्रस्ट के बजाय कंपनी के तौर पर फिर से अपना रजिस्ट्रेशन कराने पर विचार कर सकते हैं।  

विज्ञापन


वित्त विधेयक पर चर्चा के बाद बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2019-20 के आम बजट में कर प्रावधानों का मकसद जीवनस्तर एवं उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना, लोगों की परेशानियों को कम करना तथा न्यूनतम सरकार एवं अधिकतम सुशासन को सुनिश्चित करना है।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना मकसद

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2019-20 का मकसद व्यापार सुगमता, युवा उद्यमियों और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है। सरकार का इरादा भारत को दुनिया का बहुत बड़ा वित्तीय हब बनने का है। सरकार का मकसद डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। डिजिटल भुगतान से राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में अधिक पारदर्शिता आएगी।

कर कानूनों का होगा सरलीकरण

वित्त मंत्री ने कहा कि कर कानूनों के सरलीकरण के लिए नई कर संहिता को अंतिम रूप देने के मकसद से एक कार्यबल काम कर रहा है। इसकी रिपोर्ट 31 जुलाई तक आयेगी। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में गैर कराधान प्रावधानों के तहत सात अधिनियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है ताकि व्यवस्था को सरल किया जा सके, मेक इन इंडिया पहल को सुदृढ़ बनाया जा सके एवं विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान की जा सके।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम कानून में आठ बिन्दुओं पर संशोधन किया गया है। इसमें से 6 उपबंध में संशोधन किये गए हैं। इसमें एक प्रावधान को समाप्त करने और एक प्रावधान जोड़ने से संबंधित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें