प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंकों में शुमार रहा यस बैंक का शेयर पिछले 11 महीनों में 78 फीसदी तक गिर गया है। इस गिरावट के चलते केवल अकेले बैंक के संस्थापक और पूर्व सीईओ राणा कपूर को सात हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
इतनी रह गई नेटवर्थ
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, राणा कपूर का नेटवर्थ पिछले 20 अगस्त से 1.4 अरब डॉलर (6900 करोड़ रुपये) से घटकर 37.7 करोड़ डॉलर (2601 करोड़ रुपये) रह गई है।
2004 में की थी यस बैंक की शुरुआत
राणा कपूर ने 2004 में यस बैंक की शुरुआत की थी। उन्होंने इस बैंक को देश का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक बनाने में योगदान दिया था। उनकी इस बैंक में 10 फीसदी से थोड़ी ज्यादा हिस्सेदारी है।लांकि, वो काफी पहले साफ कर चुके हैं कि वो अपने शेयर बेचने का इरादा नहीं रखते हैं।
बुधवार को जारी हुए थे नतीजे
बैंक के मुनाफे में 91 फीसदी की कमी देखने को मिली। पहली तिमाही में मुनाफा घटकर 113.8 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह बैंक को 1260.4 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। बैंक के एनपीए में भी इजाफा देखने को मिला है।
5.01 फीसदी हुआ एनपीए
बैंक का ग्रॉस एनपीए तिमाही आधार पर 3.22 फीसदी से बढ़कर 5.01 फीसदी हो गया है।नेट एनपीए 1.86 फीसदी से बढ़कर 2.91 फीसदी रहा है। बैंक का ग्रॉस एनपीए 7,883 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,092 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट एनपीए 4,485 करोड़ रुपये से बढ़कर 6883 करोड़ रुपये हो गया है।
ब्याज से होने वाली आय में बढ़ोतरी
बैंक की ब्याज से होने वाली आय में हालांकि बढ़ोतरी देखी गई। यह 2.8 फीसदी बढ़कर 2281 रुपये हो गई। पिछले वर्ष की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज आय 2219.1 करोड़ रुपये थी।
प्रोविजनिंग भी घटी
बैंक की प्रोविजनिंग 3,661.7 करोड़ रुपये से घटकर 1,784 करोड़ रुपये रही है जबकि पिछले साल की पहली तिमाही में यस बैंक की प्रोविजनिंग 625.7 करोड़ रुपये रही थी।