लोकसभा ने कंपनी कानून संशोधन बिल 2019 को पास कर दिया है। इससे कार्पोरेट कर में सरकार द्वारा की गई कमी का एक पड़ाव पार हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कर में कमी से सभी कंपनियों को फायदा होगा, जो कंपनी कानून के तहत रजिस्टर हैं।
वित्त मंत्री ने बहस का जवाब देते हुए सदन में कहा कि हमारी सरकार को सूट-बूट की सरकार कहा जाता है। हमने जब कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करने का एलान किया तो कहा गया कि इसका फायदा केवल अमीरों को होगा, लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि टैक्स में कमी से सभी कंपनियां फायदे में रहेंगी।
वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था से जुड़े सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार हर सवाल और आलोचनाओं को सुनती है। उन्होंने कहा कि जब भी सदन में पीएम, वित्त मंत्री या रक्षा मंत्री से सवाल पूछा गया उन्होंने सदन में उपस्थित होकर जवाब दिया। प्रत्यक्ष कर संग्रह से जुड़े सुप्रिया सुले के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, 'आपको पता होना चाहिए कि इसमें कमी नहीं आई, बल्कि बढ़ोतरी हुई है और लगातार बढ़ोतरी हो रही है।'
वित्त मंत्री में राजकोषीय घाटे पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'यूपीए की सरकार में राजकोषीय घाटा औसतन 5.5 रहा है और हमारी सरकार में यह औसतन 5.6 फीसदी रहा है। हमने राजकोषीय घाटे का जो पहला स्तर है, उसे बरकरार रखने का प्रयास किया है।'