लोकसभा ने 35 सरकारी संशोधनों को शामिल करने के बाद वित्त विधेयक 2025 पारित कर दिया। इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2025 को करदाताओं के लिए अभूतपूर्व कर राहत देने वाला बताया। लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस विधेयक के जरिए मध्यम वर्ग और व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सीतारमण ने यह भी कहा कि सीमा शुल्क में तर्कसंगत बदलाव से देश में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, निर्यात को गति मिलेगी और आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि नए आयकर विधेयक पर संसद के अगले मानसून सत्र में चर्चा होगी। लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि नया आयकर विधेयक, जिसे 13 फरवरी को सदन में पेश किया गया था, वर्तमान में प्रवर समिति की ओर से जांचा जा रहा है।
आयकर विभाग ने पहले कहा था कि सरलीकृत आयकर विधेयक, जो 1961 के आयकर अधिनियम का आधा है, मुकदमेबाजी और नई व्याख्या की गुंजाइश को कम करके कर निश्चितता हासिल करने का प्रयास करता है। नए विधेयक में शब्दों की संख्या 2.6 लाख है, जो आईटी अधिनियम में 5.12 लाख से कम है। मौजूदा कानून में 819 प्रभावी धाराओं के मुकाबले इसमें धाराओं की संख्या 536 है। अध्यायों की संख्या भी 47 से घटाकर आधी 23 कर दी गई है।
आयकर विधेयक 2025 में मौजूदा अधिनियम में 18 तालिकाओं की तुलना में 57 तालिकाएं हैं और 1,200 प्रावधान व 900 स्पष्टीकरण हटा दिए गए हैं।