भारतीय जीवन बीम निगम (एलआईसी) मार्च में देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने वाली है। इससे पहले पूंजी की आवश्यकता के संबंध में बीमा कंपनी के अध्यक्ष एमआर कुमार ने सोमवार को कहा कि अभी तक, मुझे नहीं लगता कि हमें पूंजी की आवश्यकता है। हालांकि, आगे बढ़ते हुए यदि कोई विकास पूंजी की आवश्यकता होती है, तो हम न केवल सरकार बल्कि सभी शेयरधारकों से जरूर संपर्क करेंगे।
कुमार ने कहा कि किसी भी बीमा कंपनी की लाभप्रदता दूसरों से अलग होती है। हमारा सरप्लस 50,000 करोड़ रुपये से अधिक था, लेकिन इसका 95 फीसदी पॉलिसीधारकों के पास जा रहा था। आगे जाकर सरप्लस वितरण 95 फीसदी से 90 फीसदी हो जाता है, इसलिए मुनाफा भी धीरे-धीरे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से आईडीबीआई बैंक में कुछ हिस्सेदारी रखना चाहता हूं। यह हमारे लिए बैंकएश्योरेंस चैनल में सबसे मजबूत योगदानकर्ता रहा है। मैं उस रिश्ते को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता हूं।
मार्च में आईपीओ सूचीबद्ध कराने को गंभीर: एलआईसी चीफ
एलआईसी चेयरमैन ने कहा कि बीमा कंपनी रूस-यूक्रेन तनाव से उपजी भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर बनाए हुई है। हम मार्च में आईपीओ को सूचीबद्ध कराने को लेकर काफी गंभीर है। दरअसल, यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है, जिसके जरिए बिक्री पेशकश के माध्यम से सरकार की पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 63,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव है।
एलआईसी आईपीओ में छूट पर भी बात की
एमआर कुमार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के ग्राहकों को एलआईसी आईपीओ में खास छूट की पेशकश की जाएगी। पीएमजेजेबीवाई उसी का हिस्सा है और यह छूट पॉलिसीधारकों के लिए भी दी जाएगी। 2015 में लॉन्च की गई बीमा योजना 18-50 वर्ष के आयु वर्ग के सभी बचत बैंक खाताधारकों को 2 लाख रुपये का जीवन कवर प्रदान करती है। यह एक साल के लिए मान्य होता है। इस बीमा में किसी भी कारण से मृत्यु को कवर किया जाता है। इसका प्रीमियम प्रति ग्राहक 330 रुपये प्रति वर्ष रहता है।