बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार के बंद भाव पर एलआईसी का मार्केट कैप 5,13,273.56 करोड़ रुपये है, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 5,22,519.50 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बुधवार को आए मामूली सुधार के बाद यह बढ़कर 5,14,317.19 करोड़ रुपये हो गया है।
अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने वाली दिग्गज बीमा कंपनी एलआई को लिस्टिंग के बाद से जो नुकसान हुआ, वह बढ़ता ही जा रहा है। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से ही कंपनी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है और इसके चलते कंपनी अब देश की छठी सबसे मूल्यवान कंपनी नहीं रही है। इसके अलावा इसके शेयरों का भाव भी टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
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आईसीआईसीआई ने पछाड़ा
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी मार्केट कैप के हिसाब से छठी सबसे बड़ी कंपनी बनी थी, लेकिन अब आईसीआईसीआई बैंक ने उसे पछाड़ते हुए छठे स्थान पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। जबकि लगातार शेयरों में आई रही गिरावट के कारण एलआईसी एक पायदान खिसकर देश की सातवीं मूल्यवान कंपनी बन गई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार के बंद भाव पर एलआईसी का मार्केट कैप 5,13,273.56 करोड़ रुपये है, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 5,22,519.50 करोड़ रुपये हो गया है।
इश्यू प्राइस से 14 फीसदी टूटा शेयर
गौरतलब है कि कि एलआईसी ने अपना 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ चार मई 2022 को पेश किया था और यह नौ मई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहा था। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड 902-949 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन लिस्टिंग के बाद से यह टूटता गया। एनएसई पर इसकी कीमत 801 रुपये तक आ गई थी, जो इश्यू प्राइस से 148 रुपये कम है। ताजा भाव की बात करें तो बुधवार कंपनी का शेयर सुधार के साथ 0.20 फीसदी तेजी के साथ 813.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन ये भी इसके इश्यू प्राइस से करीब 14 फीसदी कम है। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप 5,14,317.19 करोड़ रुपये है।
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रिलायंस पहले नंबर पर बरकरार
मार्केट कैप के हिसाब से मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड पहले पायदान पर बनी हुई है। रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 17,81,838.68 करोड़ रुपये है। हालांकि, पिछले दिनों ही आरआईएल 19 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बनी थी। इस मामले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 12,31,197.61 करोड़ रुपये के साथ दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।