देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आईपीओ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हालिया, चर्चा में रहीं खबरों में कहा गया था कि रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते बाजारों में उथल-पुथल के बीच अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ टल सकता है। अब एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से आईपीओ को लेकर सेबी के पास नए सिरे से डीआरएचपी जमा किया गया है।
रिस्क लेना नहीं चाहती सरकार
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एलआईसी ने दिसंबर तिमाही के नतीजे के आधार पर नए सिरे से डीआरएचपी जमा किया है। गौरतलब है कि इसके लॉन्च को लेकर सरकार की ओर से पूर्व में कहा गया था कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग ने वैश्विक बाजारों के साथ ही भारतीय बाजार को भी प्रभावित किया है। इसके चलते शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वित्त मंत्री ने खुद कहा था कि इस मामले में सरकार किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है।
सेबी की ओर से मिली थी मंजूरी
गौरतलब है कि एलआईसी आईपीओ के लिए सरकार की ओर से बीती 13 फरवरी को बाजार नियामक सेबी के सामने डीआरएचपी जमा की गई थी। इसके कुछ ही दिन बाद सेबी की ओर से इसे हरी झंडी दिखाते हुए मंजूरी दे दी गई। इस मंजूरी के मुताबिक, एलआईसी अपना आईपीओ 12 मई तक पेश कर सकती है। पूर्व रिपोर्टों में कहा गया था कि अगर एलआईसी इस तिथि तक आईपीओ लॉन्च नहीं करती तो उसे नए सिरे से सेबी के सामने दस्तावेज जमा करने की जरूरत होगी। अब यह साफ हो गया है कि शेयर बाजार में जारी उठा-पटक के बीच सरकार इंतजार करना चाहती है जिससे आईपीओ को बंपर सफलता मिले।
एलआईसी आईपीओ पर बोले शक्तिकांत दास
सोमवार को देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर होने की जानकारी देने के साथ आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एलआईसी आईपीओ को लेकर भी अपनी राय पेश की। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इसे सही समय पर लॉन्च करना बेहद जरूरी है। इस बीमा कंपनी के आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व है और रिटेल सेगमेंट का रिस्पॉन्स बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में रिटेल निवेशकों की शेयर बाजार में भागीदारी में भी बड़ा इजाफा हुआ है। दास ने कहा कि हम सभी चुनौतियों से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं।
10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए
दस्तावेजों के अनुसार, एलआई के आईपीओ का एक हिस्सा एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। इसके अलावा एलआईसी आईपीओ इश्यू साइज का 10 फीसदी तक पॉलिसीधारकों के लिए और पांच फीसदी कर्मचारियों के लिए आरक्षित होगा। बता दें कि एलआईसी का ये आईपीओ देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल आईपीओ
एलआईसी का ये आईपीओ अब तक सबसे बड़ा आईपीओ होगा। सेबी में सौंपे गए डीआरएपी के अनुसार, एलआईसी का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें सरकार अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी के अंतर्गत 31.6 करोड़ शेयर जारी करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हिसाब से कंपनी की एम्बेडेड वैल्यू 5.4 लाख करोड़ रुपये होगी। अमूमन किसी बीमा कंपनी का मार्केट कैप इस वैल्यू का चार गुना होता है। इस हिसाब से देखें तो एलआईसी की मार्केट वैल्यू 288 अरब डॉलर यानी करीब 22 लाख करोड़ रुपये होगी और एलआईसी देश की सबसे बड़ी मूल्यवान कंपनी बन जाएगी।
20 फीसदी एफडीआई को मंजूरी
गौरतलब है कि बीते दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में एलआईसी आईपीओ को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया था। दरअसल, आईपीओ-बाउंड एलआईसी में एफडीआई की अनुमति दे दी गई थी। बैठक में एलआईसी में ऑटोमेटिक रूट से 20 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी पर मुहर लगाई गई थी। इस फैसले के बाद एलआई के प्रस्तावित आईपीओ में विदेशी निवेश का रास्ता खुल गया है।