टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी मिलिंद लक्कड़ ने बताया कि कंपनी स्टार्टअप कंपनियों के उन कर्मचारियों को भर्ती करने जा रही है, जो अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जबकि दुनियाभर की बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं और कई कंपनियां ऐसा करने की तैयारी में हैं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) से कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी का दावा है कि उसने अब तक छंटनी का कोई योजना नहीं बनाई है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह भी बताया कि स्टार्टअप में नौकरी गंवा चुके प्रतिभाशाली कर्मचारियों के लिए हमारी कंपनी के दरवाजे हमेशा खुले हैं। हम प्रतिभा को आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं।
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टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी मिलिंद लक्कड़ ने बताया कि कंपनी स्टार्टअप कंपनियों के उन कर्मचारियों को भर्ती करने जा रही है, जो अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जबकि दुनियाभर की बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं और कई कंपनियां ऐसा करने की तैयारी में हैं।
उन्होंने कहा कि हम छंटनी में विश्वास नहीं रखते। हम प्रतिभाओं को आगे बढ़ाते हैं। कई कंपनियों को इस तरह का कदम इसलिए उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने जरूरत से ज्यादा लोगों को काम पर रखा। यानी जितना चाहते थे, उससे अधिक लोगों को नौकरियां दे दीं और अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में टीसीएस सतर्क है। हमसे जब कोई कर्मचारी जुड़ जाता है, तो यह कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वह उन्हें काम में पारंगत बनाए।
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उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी स्थिति आती है जबकि कर्मचारी के पास मौजूद प्रतिभा हमारी जरूरत से कम होती है। ऐसी स्थिति में हम कर्मचारी को समय देते हैं और उसे प्रशिक्षित करते हैं, ताकि वह चीजों और काम को समझ सके। टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या छह लाख से अधिक है। कंपनी इस बार भी कर्मचारियों को पहले के बराबर ही वेतनवृद्धि देगी।