नौकरी डॉट कॉम के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2023 के पहले चरण में छंटनी कम होगी। सर्वे के अनुसार छंटनी से 'आईटी सेक्टर में काम करने और वरिष्ठ पेशेवर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।' सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि भारतीय कर्मचारियों को इस साल 20 प्रतिशत तक की वेतन वृद्धि मिल सकती है।
जॉब पोर्टल के 1,400 रिक्रूटर्स और कंसल्टेंट्स पर किए गए सर्वे में केवल 4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने छंटनी और छंटनी का अनुमान लगाया है, उनके अनुसार उनके संगठनों में प्रमुख भर्ती प्रभावित नहीं हुई है।
हालांकि, दस क्षेत्रों में भर्ती करने वालों के सर्वेक्षण में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों पर छंटनी का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा वहीं व्यापार विकास, विपणन, मानव संसाधन और संचालन मोर्चों पर इसका मामूली असर होगा।
20 प्रतिशत रिक्रूटर्स को लगता है कि वरीष्ठ पेशेवरों की छंटनी ज्यादा होगी। नौकरी डॉट कॉम के द्विवार्षिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि नियुक्तियों में सुधार से फ्रेशर्स पर कम से कम असर पड़ने की उम्मीद है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि लगभग आधे नियोक्ताओं को वर्ष की पहली छमाही के दौरान 15 प्रतिशत से अधिक लोग छंटनी से प्रभावित होंगे जिसमें आईटी सेक्टर में काम करने वाले सबसे अधिक होंगे।
सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक रोजगार बाजार में अनिश्चितताओं के बावजूद 92 प्रतिशत नियोक्ता नए साल की पहली छमाही में नियुक्तियों के लिए आशान्वित हैं। सर्वे में शामिल करीब आधे लोगों को नई और रिप्लेसमेंट हायरिंग की उम्मीद है। 29 फीसदी को केवल नए रोजगार सृजन की उम्मीद है और 17 फीसदी अपने कर्मचारियों की संख्या बनाए रखना चाहते हैं।
इसमें कहा गया है कि 2023 की पहली छमाही के लिए नियुक्ति गतिविधियों पर आशावादी धारणा दिख रही है। इस वर्ष भारतीय कर्मचारियों को अधिक वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में शामिल कुल नियोक्ताओं में से एक तिहाई से अधिक ने इनकी सैलरी में औसतन 20 प्रतिशत वृद्धि की भविष्यवाणी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर नियुक्तियों को लेकर मौजूदा अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में कैंपस हायरिंग को लेकर धारणा आशावादी है।