E-Courts: केंद्रीय कानून मंत्रालय का न्याय विभाग इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तीसरे चरण के क्रियान्वयन में समन्वय कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि तीसरे चरण में 2038.40 करोड़ रुपये की लागत से विरासत के रिकॉर्ड और लंबित मामलों से जुड़े 3,108 करोड़ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
सरकार की ई-अदालत परियोजना के तीसरे चरण के तहत 3,100 करोड़ से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण करने की योजना है। 229.50 करोड़ रुपये की लागत से सूचना संचार (आईसीटी) बुनियादी ढांचे की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सौर ऊर्जा सुविधाएं स्थापित करने की योजना भी है। परियोजना के हिस्से के रूप में कुल 1,530 सौर सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
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केंद्रीय कानून मंत्रालय का न्याय विभाग इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तीसरे चरण के क्रियान्वयन में समन्वय कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि तीसरे चरण में 2038.40 करोड़ रुपये की लागत से विरासत के रिकॉर्ड और लंबित मामलों से जुड़े 3,108 करोड़ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
चार साल की समयसीमा के साथ केंद्र प्रायोजित योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नवीनतम बजट भाषण में की थी। वित्तीय परिव्यय 7,210 करोड़ रुपये आंका गया है। सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध विवरण के अनुसार, ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण में एक ऐसी न्यायिक प्रणाली की परिकल्पना की गई है जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अधिक सुलभ, कुशल और न्यायसंगत हो।