रिपोर्ट के अनुसार, विशाल मेगा मार्ट के मालिक समायत सर्विसेज ने 10,220 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बजाज फिनसर्व में 3,504 करोड़ रुपये और 2,002 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए। सिर्फ कंपनियों के मालिक ही नहीं, बल्कि बड़े निवेशक भी शेयर बेच रहे हैं।
शेयर बाजार की हालिया तेजी का कंपनियों के अंदर के लोग और मालिकों ने जबरदस्त फायदा उठाया है। पिछले एक महीने में इनसाइडर्स और मालिकों ने 95,000 करोड़ रुपये के अपने शेयर बेच दिए हैं।
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कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई और जून में भारतीय बाजार में यह बिकवाली कई बड़ी कंपनियों में देखी गई है। इनमें भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान जिंक, एशियन पेंट्स और इंडिगो जैसे शेयर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विशाल मेगा मार्ट के मालिक समायत सर्विसेज ने 10,220 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बजाज फिनसर्व में 3,504 करोड़ रुपये और 2,002 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए।
बड़े निवेशक भी बेच रहे शेयर
सिर्फ कंपनियों के मालिक ही नहीं, बल्कि बड़े निवेशक भी शेयर बेच रहे हैं। बीएटी ने आईटीसी में 1.5 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेच दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एशियन पेंट्स में अपनी 1.1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेच दी। विश्लेषकों का कहना है कि यह एक बड़ा बदलाव है। इसका असर यह हुआ कि बीएसई-200 इंडेक्स में प्राइवेट प्रमोटर होल्डिंग मार्च 2021 में 43% थी, जो मार्च 2025 तिमाही में घटकर 37 प्रतिशत हो गई है। इसका मतलब है कि कंपनियों के मालिक धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों ने खूब खरीदारी की है। म्यूचुअल फंड, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों और खुदरा निवेशकों की संयुक्त हिस्सेदारी चार प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 25.2% हो गई है, जो पहले 20.9% थी।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भी कर रहे बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई भी बिकवाली कर रहे हैं। उनकी हिस्सेदारी भी 24.4 प्रतिशत से घटकर 20.2 प्रतिशत हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि प्रमोटरों द्वारा अपनी हिस्सेदारी कम करना एक स्पष्ट संकेत है कि वे अपने शेयरों को उचित मूल्यांकन से अधिक पर कारोबार करते हुए मान रहे हैं। हालांकि इसे निवेश मूल्यांकन में एक अतिरिक्त इनपुट के रूप में देखने की जरूरत है।