फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहानी सफलता की: पांच हजार रुपये के साथ बाजार में उतरे थे ये 12वीं पास शख्स, आज दुनिया के 98वें सबसे अमीर आदमी

Thu, 19 Aug 2021 01:17 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1954 में राजस्थान के बीकानेर में मारवाड़ी परिवार में जन्में राधाकिशन दमानी दुनिया के 98वें सबसे अमीर शख्स हैं। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी।
विज्ञापन
रिटेल कंपनी डी-मार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिंगल रूम अपार्टमेंट में पले-बढ़े 12वीं पास शख्स ने पूरी दुनिया को बता दिया कि यदि हौसले बुलंद हों तो कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है। हम बात कर रहे हैं प्रमुख रिटेल कंपनी डी-मार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी की, जो आज दुनिया के 98वें सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, वे आज 1.42 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के मीलिक हैं। आइए जानते हैं 5000 रुपये से निवेश की शुरुआत करने वाले इस 'रिटेल किंग' की कहानी।

विज्ञापन


कहां से शुरू हुई दमानी की कहानी?
राधाकिशन दमानी के पिता एक शेयर ब्रोकर थे। 1985-86 में पिता शिवकिशन दमानी की मौत के बाद दमानी ने घाटे में चल रहे बॉल बेयरिंग कारोबार को बंद कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने भाई गोपीकिशन दमानी के साथ मिलकर शेयर बाजार पर अपना ध्यान केंद्रित किया और 5000 रुपये के साथ निवेश की शुरुआत की। 1990 के दशक में जब हर्षद मेहता ने देश का वित्तीय बाजार बुरी तरह से हिला कर रख दिया था, तब दमानी को जबर्दस्त प्रॉफिट हुआ। उस समय एक ओर जहां हर्षद मेहता ने शेयर बाजार में तेजी पर दांव लगाया था, वहीं दमानी ने बाजार के गिरने पर दांव लगाया था। फिर का खुलासा होने के बाद बाजार धड़ाम हो गया, जिससे दमानी को जबर्दस्त प्रॉफिट हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय दमानी ने कहा था कि यदि मेहता एक सप्ताह और अपनी लॉन्ग पोजीशन होल्ड कर लेता, तो उन्हें नुकसान होता। साल 1995 में दमानी ने सस्ते वैल्युएशन में मिलने वाली कंपनी में लंबे वक्त तक रुकने का फॉर्मूला अपनाते हुए एचडीएफसी बैंक के प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) में पैसा लगाया। इससे उन्होंने मोटा मुनाफा हुआ था।

शुरुआती जिंदगी
राधाकिशन दमानी का जन्म साल 1954 में राजस्थान के बीकानेर में मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उनका परिवार एक सिंगल रूम अपार्टमेंट में रहता था। उन्होंने मुंबई युनिवर्सिटी से कॉमर्स की पढ़ाई शुरू तो की थी, लेकन पहले ही साल छोड़ भी दी थी। साल 2002 में उन्होंने डी-मार्ट का पहला स्टोर खुला था और 2017 में डी-मार्ट के पेरेंट कंपनी एवेन्यू सिपरमार्ट का आईपीओ आया था, जिसके बाद कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो गई।
विज्ञापन


2002 में खुला था डी-मार्ट का पहला स्टोर
साल 2002 में मुंबई के पवई इलाके में दमानी ने डी-मार्ट का पहला स्टोर खोला था। तब से लेकर आज तक उनकी कंपनी के स्टोर्स लगातार बढ़े हैं। 2011-12 में डी-मार्ट के 55 स्टोर्स थे, 2012-13 में 62 स्टोर्स थे, 2013-14 में 75 स्टोर्स थे, 2014-15 में 89 स्टोर्स थे, 2015-16 में 110 स्टोर्स थे, 2016-17 में 131 स्टोर्स थे, 2017-18 में 176 स्टोर्स थे, 2018-19 में 214 स्टोर्स थे और आज देश में 11 राज्यों और एक यूटी में कंपनी के 238 स्टोर्स हैं।

विज्ञापन

कंपनी की स्ट्रैटेजी
मालूम हो कि डी-मार्ट का कोई भी स्टोर किराए पर नहीं होता है। सभी स्टोर कंपनी के ही हैं। डी-मार्ट ने बाजार में सफलता के झंडे गाड़े हैं। कंपनी का ध्यान मार्जिन के बजाय वॉल्यूम पर रहा। डी-मार्ट अपने सप्लायर को सात से 10 दिनों के भीतर पेमेंट कर देती है। वहीं अन्य कंपनियों की बात करें, तो वे सप्लायर को 20 से 30 दिनों में पेमेंट करती हैं। 

दमानी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें
  • कपड़ों को लेकर किसी तरह की उलझन से बचने के लिए राधाकिशन दमानी हमेशा सफेद कपड़े पहनते हैं। इसकी वजह से वे 'मिस्टर व्हाइट एंड व्हाइट' नाम से मशहूर हैं। 
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे वीगन डाइट फॉलो करते हैं। इस डाइट में लोग अंडा, मांस, शहद, दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं लेते।
  • दमानी हर कुंभ में गंगा स्नान करते हैं। 
  • 2017 में एवेन्यू सिपरमार्ट का आईपीओ पेश हुआ था। कंपनी का शेयर दोगुने भाव, यानी 604 पर सूीबद्ध हुआ था। तब कंपनी का बाजार पूंजीकरण 39000 करोड़ रुपये था।
  • हाल ही में दमानी ने दक्षिण मुंबई के मलाबार हिल्स इलाके में 1,001 करोड़ रुपये का बंगला खरीदा था। यह देश का सबसे महंगा बंगला है। दमानी ने 31 मार्च को तीन फीसदी स्टांप ड्यूटी देकर रजिस्ट्रेशन करवाया। छूट के बाद भी 30 करोड़ की स्टांप ड्यूटी दी है। डेढ़ एकड़ के इस बंगले के लिए प्रति वर्ग फुट उन्होंने 1.60 लाख रुपये चुकाए। 
  • दमानी ने 2020 में भी 8.8 एकड़ की भूमि संजय गांधी नेशनल पार्क में सीसीआई प्रोजेक्ट्स के तहत 500 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी।
  • मार्च 2020 तक दमानी ने इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी में 15.16 फीसदी की बढ़ोतरी की। 31 मार्च 2020 तक राधाकृष्ण दमानी के पास इंडिया सीमेंट्स के 3,18,86,777 शेयर थे। यह कुल हिस्सेदारी का 10 फीसदी है। दिसंबर 2019 तक इंडिया सीमेंट्स में दमानी परिवार की हिस्सेदारी 4.73 फीसदी थी। 
  • पिछले चार सालों में कंपनी का बाजार पूंजीकरण छह गुना बढ़ा है। मौजूदा समय में यह 2,36,538.17 करोड़ रुपये है।
 
वर्ष आमदनी  मुनाफा
वित्त वर्ष 2016-17 11881 483
वित्त वर्ष 2017-18 15009 785
वित्त वर्ष 2018-19 19916 936
वित्त वर्ष 2019-20 24675 1350
वित्त वर्ष 2020-21 23787 1165

(आंकड़े करोड़ रुपये में)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें