डाटा : नागरिकों का नागरिकों के डाटा का उपयोग
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि डिजिटल गतिविधियों से सृजित हो रहे नागरिकों के डेटा को, नागरिकों के लिए उपयोग करना सरकार का लक्ष्य बताया है। डेटा जमा करने और उसके भंडारण की आधुनिक तकनीक होने से इसका समाज की बेहतरी के लिए उपयोग होना चाहिए। सर्वे के अनुसार निजता के लिए बने कानूनी ढांचे में डेटा को सार्वजनिक हित में उपयोग किया जा सकता है। सरकार के पास पहले ही प्रशासकीय, सर्वे, संस्थागत और नागरिकों के लेन-देन से जुड़ा डेटा भारी मात्रा में है।
5 जी से होंगे बड़े बदलाव
आर्थिक सर्वे में कहा गया कि 5जी तकनीक से डिजिटल दुनिया में बड़े बदलाव होंगे। सरकार की योजना 2020 तक देश को 5जी के लिए तैयार करने की है। 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी इसी साल हो सकती है। 5जी के जरिये उपभोक्ताओं को बड़े उत्पादन का लाभ मिल सकेगा और आम लोगों को घर बैठे सेवाएं मिलेंगी। चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, शिक्षा, मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में फायदा मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहन ही भविष्य
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि परिवहन का भविष्य बिजली से चलने वाले वाहन ही हैं। इनका चलन बढ़ाने और इन्हें चार्ज करने के लिए एक जैसे मानक और वाहनों की कीमत घटाने की दिशा में नीतिगत प्रयास जरूरी हैं। देश में फिलहाल 0.06 फीसदी ही इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चल रहे हैं। चीन में यह आंकड़ा दो और नॉर्वे में 39 फीसदी है। उम्मीद जताई गई है कि भारत इलेकिट्रक वाहन निर्माण का हब बन सकता है। 2018 में देश में बैट्री चलित 54,800 दोपहिया वाहन बेचे गए, जबकि 2017 में यह आंकड़ा मात्र दो हजार था।
श्रम सुधार से खुलेंगे रोजगार के द्वार
बेरोजगारी से निपटने के लिए आर्थिक सर्वे में श्रम सुधारों पर जोर दिया गया है। सर्वे में कहा गया है कि जो राज्य श्रम कानूनों के मामले में अड़ियल रुख अपनाते हैं वहां पूंजी निवेश और रोजगार सृजन दोनों खराब है। 2007 से 2014 के बीच किसी राज्य ने श्रम कानूनों में सुधार नहीं किया। 2014 में राजस्थान पहला राज्य बना जिसने बदलाव किया और फायदा दिखा। सर्वे में कहा गया है कि भौगोलिक क्षेत्र और श्रमिकों की कार्यक्षमता के हिसाब से न्यूनतम वेतन के लिए चार स्लैब हों।
छोटी कंपनियों को बड़ा बनाने की जरूरत
नए रोजगार पैदा करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) से जुड़ी नीतियों में बदलाव की जरूरत है। छोटी एमएसएमई फर्म जो छोटी ही बनी रहतीं हैं, की जगह बड़ी कंपनी बनने की क्षमता रखने वाली कंपनियों के लिए नई नीतियों की जरूरत।
शीर्ष 10 करदाताओं के नाम पर हो स्कूल, अस्पताल-सड़क
सर्वे में ईमानदारी से कर देने वालों को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है। कहा गया है कि जिले के 10 शीर्ष करदाताओं को सम्मानित करना चाहिए। इन्हें एयरपोर्ट पर बोर्डिंग का विशेषाधिकार, इमीग्रेशन काउंटर पर स्पेशल डिप्लोमेटिक लाइन जैसी सुविधा दी जाए। पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा कर जमा वालों के नाम पर महत्वपूर्ण इमारतों, सड़क, स्कूल, अस्पताल और एयरपोर्ट के नाम रखे जाने की सिफारिश है। ऐसे करदाताओं के लिए विशेष क्लब बनाने का सुझाव है। निर्माण परियोजनाओं में ‘टैक्स मनी एट वर्क’ के बोर्ड भी लगाने की बात कही गई है।
चिंता : 2050 में गंभीर समस्या होगा जल संकट
आर्थिक सर्वेक्षण में जल संकट की तरफ गंभीर इशारा किया गया है। कहा गया है कि 2050 में भारत में पानी की कमी बड़ी समस्या होगी। जलवायु परिवर्तन पर भी चिंता दिखाई गई है। कहा गया है कि भारत के 2020 तक 20-25 प्रतिशत तक कार्बन उत्सर्जन कम करने की घोषणा को देखते हुए क्लाइमेंट चेंज एक्शन प्रोग्राम को कुल 290 करोड़ की लागत से 2014 में लांच किया गया।
कारोबारी सुगमता के लिए न्यायिक सुधार जरूरी
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि अनुबंध का प्रवर्तन कारोबार सुगमता रैंकिंग में सुधार के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। सबसे ज्यादा वाणिज्यिक विवाद निचली अदालतों में लंबित हैं। सीईए सुब्रमणियन ने कहा कि मुकदमों का बोझ घटाने के लिए निवेश बढ़ाने और तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत है।
रिटायरमेंट की उम्र बढ़ानी होगी
- उम्रदराज होती आबादी के लिए तैयारी करनी होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने और चरणबद्ध तरीके से सेवानिवृति आयु बढ़ाने की जरूरत।
- कामकाजी आयु वर्ग की आबादी हर साल करीब 97 लाख बढ़ने का अनुमान है जबकि वर्ष 2030 से कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या हर साल 42 लाख बढ़ने का अनुमान है।
- देश में विदेशी मुद्रा ऊंडार अभी सर्वोच्च स्तर पर है। 2018-19 में विदेशी मुद्रा भंडार 412.5 अरब डालर रहने का अनुमान है।